UKSSSC पेपर लीक का नया मोड़: सुमन की खालिद से दोस्ती बनी विवाद का कारण
राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा में 2020 से इतिहास विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम कर रही सुमन को मुख्य आरोपी खालिद से संबंध रखने और स्नातक स्तरीय परीक्षा के कुछ प्रश्न लीक होने में संलिप्त पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया।
रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने आदेश जारी किया। आदेश में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की रिपोर्ट का हवाला दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के दौरान हरिद्वार जिले के एक परीक्षा केंद्र से तीन पृष्ठों में 12 प्रश्न बाहर भेजे गए थे।
जांच में खुलासा: सुमन का पेपर लीक में संलिप्त होना
- जांच में सामने आया कि 2018 से सुमन का संपर्क ऐसे व्यक्ति से था, जो इस पेपर लीक मामले में शामिल रहा। आरोप है कि सुमन को प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट मिला, लेकिन उसने इसे आयोग या प्रशासन को नहीं बताया। इसके बजाय, सुमन ने इसे बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबी पंवार को उपलब्ध कराया, ताकि मामला इंटरनेट पर वायरल हो सके।
- जांच में यह भी पाया गया कि सुमन ने पेपर साल्वर के रूप में परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। इस दौरान आयोग की शुचिता और गोपनीयता भंग हुई और इंटरनेट पर अफवाह फैलाने में भी उनकी भूमिका मानी गई।
- रायपुर थाने में सुमन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि एक शिक्षक होने के नाते सुमन का यह आचरण अमर्यादित और अस्वीकार्य है, जिससे राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग की छवि प्रभावित हुई। यह कृत्य उत्तराखंड कर्मचारी आचरण नियमावली-2002 का उल्लंघन है।
- निलंबन अवधि के दौरान सुमन को जीवन निर्वाह भत्ता अर्द्धवेतन के बराबर मिलेगा।
