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ट्रंप बोले – इस वक्त पाकिस्तान कर रहा है Underground Nuclear Test, PM शहबाज और जनरल मुनीर की पोल खुली!

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय दावा करके भारत समेत पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि कई देश चुपके से Underground Nuclear Test कर रहे हैं, जिनकी भनक तक दुनिया को नहीं लगती। उनके अनुसार रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान लगातार जमीन के अंदर गुप्त परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इस रेस में पीछे दिखाई दे रहा है।
  • ट्रंप ने कहा कि इन देशों के अंडरग्राउंड टेस्ट्स में सिर्फ मामूली कंपन महसूस होती है और बाहर से कुछ साबित नहीं किया जा सकता, इसलिए ये देश बिना किसी डर के टेस्ट कर लेते हैं। लेकिन अमेरिका एक Open Democracy है, इसीलिए अमेरिका को अपने हर कदम और हर टेस्ट की जानकारी देनी पड़ती है। ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर ये देश लगातार Secret Nuclear Tests कर रहे हैं तो अमेरिका को भी अपने Nuclear Strength को बढ़ाने और Testing Policy को फिर से Re-align करने की आवश्यकता है।

भारत के लिए क्यों बढ़ सकती है चिंता?

  • भारत कई वर्षों से पाकिस्तान Sponsored Terrorism की चुनौती झेलता आया है। दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, जिसमें भारत के पास लगभग 180 Nuclear Weapons होने का अनुमान है, वहीं पाकिस्तान करीब 170 परमाणु हथियार रखता है। यानि Nuclear Capability के मामले में दोनों देशों के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।
  • ऐसे में अगर पाकिस्तान Underground Nuclear Test करके अपनी क्षमता को और मजबूत करने की कोशिश करता है, तो यह भारत की सुरक्षा चिंता को और बढ़ा सकता है। Secret Testing के बाद पाकिस्तान अपने Nuclear Stock को बढ़ा सकता है और Modernisation भी तेज कर सकता है। ये स्थिति भारत के लिए Strategic Level पर ज्यादा Sensitivity पैदा कर सकती है।
  • हालांकि भारत का Stand साफ है। भारत परमाणु हथियारों को “Peace Deterrence Weapon” मानता है और No First Use Policy को प्रोत्साहित करता है। भारत शांति, स्थिरता और जिम्मेदार Nuclear Behaviour में विश्वास रखता है।

ट्रंप क्यों फिर से परमाणु परीक्षण का समर्थन कर रहे हैं?

  • अमेरिका ने वर्ष 1992 के बाद से फुल-स्केल Nuclear Test नहीं किया है। अब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस नीति में बदलाव की वकालत कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर North Korea जैसे छोटे देश लगातार टेस्ट कर सकते हैं, तो अमेरिका जैसे Global Superpower को चुप नहीं बैठना चाहिए। ट्रंप का सीधा तर्क है कि – “अगर दूसरे कर रहे हैं तो हम क्यों नहीं?”
  • ट्रंप ने दावा किया कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान “Underground Nuclear Testing” कर रहे हैं, लेकिन दुनिया के सामने इसकी जानकारी नहीं आने दी जाती। जबकि अमेरिका एक खुले लोकतांत्रिक देश के रूप में अपने हर Defence Step को सार्वजनिक करता है। इसी वजह से ट्रंप मानते हैं कि अमेरिका को भी अपने Nuclear Strength को Re-Activate करना होगा ताकि देश Global Strategic Race में पीछे न रह जाए।

विश्व के परमाणु हथियारों का अनुमानित भंडार (2025 के अनुसार)

देश (Country) अनुमानित परमाणु हथियारों की संख्या  विशेष टिप्पणी 
🇷🇺 रूस (Russia) 5,450 दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु भंडार
🇺🇸 अमेरिका (USA) 5,280 उन्नत तकनीक व वैश्विक निगरानी क्षमता
🇨🇳 चीन (China) 610 तेजी से बढ़ा रहा है परमाणु जखीरा
🇫🇷 फ्रांस (France) 290 यूरोप की प्रमुख परमाणु शक्ति
🇬🇧 ब्रिटेन (UK) 230 सीमित लेकिन आधुनिक परमाणु हथियार
🇮🇳 भारत (India) 180 “No First Use” नीति अपनाने वाला देश
🇵🇰 पाकिस्तान (Pakistan) 170 गुप्त परमाणु परीक्षणों को लेकर चिंताएँ
🇮🇱 इज़रायल (Israel) 90 अनौपचारिक परमाणु शक्ति, आधिकारिक पुष्टि नहीं
🇰🇵 उत्तर कोरिया (North Korea) 55 लगातार परमाणु परीक्षणों से वैश्विक चिंता

ट्रंप का दावा – “अगर अमेरिका नहीं करेगा परमाणु परीक्षण, तो हम अकेले पिछड़ जाएंगे”

  • ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका Nuclear Test नहीं करेगा, तो वह दुनिया में अकेला ऐसा देश बन जाएगा जो Testing Program से खुद को अलग कर रहा है। ट्रंप का तर्क है कि Nuclear Weapons Reliability को जांचने के लिए Testing बेहद जरूरी है। खासकर ऐसे समय में जब Russia ने Poseidon Underwater Nuclear Drone जैसे Ultra Advance System का हाल ही में सफल ट्रायल किया है।
  • इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि वह बार-बार Nuclear Testing की बात क्यों कर रहे हैं?
    इस पर उन्होंने कहा —
    “रूस Test कर रहा है, उत्तर कोरिया लगातार कर रहा है, दूसरे देश भी कर रहे हैं… तो फिर अमेरिका अकेला क्यों रुके?”
  • ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ताकत के मामले में अभी भी अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा Nuclear Arsenal है। लेकिन उन्होंने साथ ही चेताया कि Russia और China दोनों देश तेजी से अपनी Nuclear क्षमता बढ़ा रहे हैं और आने वाले समय में ये अंतर अमेरिका के लिए Gap Create कर सकता है।
  • इसी वजह से ट्रंप मानते हैं कि अमेरिका को भी अपनी Strategic Nuclear Position को फिर से मजबूत करना होगा, नहीं तो Superpower Status पर Long Term Impact पड़ सकता है।

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