उत्तराखंड की सड़कों पर संकट: युद्ध के असर से डामर महंगा, काम प्रभावित
- ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War) का असर अब उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में भी देखने को मिल रहा है। बढ़ते तेल और गैस संकट (Oil & Gas Crisis) के कारण डामर (Bitumen) के दाम अचानक बढ़ गए हैं, जिससे जिले की करीब 350 से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य प्रभावित हो गया है।
- जानकारी के अनुसार, जिन ठेकेदारों ने पहले के रेट पर टेंडर लिए थे, वे अब बढ़ी हुई कीमतों के कारण काम पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। ऐसे में उनके सामने आर्थिक नुकसान और विभागीय दबाव दोनों की स्थिति बन गई है।
- एक ठेकेदार के मुताबिक, पहले जो डामर करीब ₹38 प्रति किलो मिल रहा था, अब वही बढ़कर लगभग ₹58 प्रति किलो हो गया है। इसमें 18% जीएसटी जोड़ने के बाद इसकी कीमत करीब ₹70-72 प्रति किलो तक पहुंच रही है। इस बढ़ोतरी के चलते निर्माण लागत (Construction Cost) लगभग दोगुनी हो गई है।
- हालांकि फिलहाल जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भविष्य में संकट की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
- इसी कारण जिले में कई परियोजनाओं का काम रुक गया है। अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों सड़कों पर निर्माण कार्य लंबित है, क्योंकि ठेकेदार बढ़ी हुई लागत के कारण काम आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
- इसके अलावा, 1 अप्रैल से डामर की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, जिससे समस्या और गहरा सकती है। ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है कि इस स्थिति का समाधान निकाला जाए, ताकि निर्माण कार्य और रोजगार (Employment) दोनों प्रभावित न हों।
- कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब सीधे तौर पर उत्तराखंड के विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
