सुप्रीम कोर्ट में 3 नए जजों की शपथ: 34 की क्षमता वाले कोर्ट में महिला जजों की संख्या सिर्फ 3
- सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को तीन नए न्यायाधीश मिल गए। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने तीनों नए जजों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। तीनों ही जजों ने ईश्वर के नाम पर अपने पद की शपथ ली। नए न्यायाधीशों के शामिल होने से सर्वोच्च न्यायालय में जजों की कार्यबल संख्या (Working Strength) में इजाफा हुआ है, हालांकि इसके साथ ही अदालत में महिला जजों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
ईश्वर के नाम पर ली शपथ
- शपथ ग्रहण समारोह सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित किया गया, जहाँ नए नियुक्त जजों ने ईश्वर को साक्षी मानकर अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक पालन की प्रतिज्ञा ली। इस नई नियुक्ति से शीर्ष अदालत में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
महिला प्रतिनिधित्व का आंकड़ा
- इन नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की कुल संख्या अब सिर्फ 3 रह गई है। न्यायपालिका में लैंगिक संतुलन (Gender Diversity) को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है, और इस आंकड़े ने एक बार फिर कानूनी गलियारों में महिला वकीलों और जजों की सर्वोच्च अदालत में भागीदारी बढ़ाने की मांग को रेखांकित किया है।
न्याय प्रक्रिया में आएगी तेजी
- कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए जजों के आने से विभिन्न संवैधानिक पीठों और दैनिक मुकदमों की सुनवाई की गति तेज होगी। हालांकि, बार और बेंच दोनों ही स्तरों पर भविष्य में महिलाओं के अधिक की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
