दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: जाम से राहत दिलाने को बनेगा नया फ्लाईओवर, शहर को मिलेगी बड़ी राहत
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले वाहनों को देहरादून शहर के भीतर प्रवेश करने और ट्रैफिक जाम से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आशारोड़ी से मोहकमपुर के बीच बनने वाले प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के एलाइनमेंट में बड़ा बदलाव किया है। अब यह कॉरिडोर मोहकमपुर पर समाप्त न होकर सीधे लच्छीवाला टोल प्लाजा से पहले हरिद्वार हाईवे से जुड़ेगा।
13 किमी लंबा और 4-लेन होगा कॉरिडोर
- एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार, संशोधित डीपीआर (DPR) के तहत इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 13.174 किलोमीटर होगी। इसमें से लगभग 11 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड (हवा में) रहेगा और यह पूरा मार्ग चार लेन का बनाया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 2,598 करोड़ रुपये तय की गई है। डीपीआर अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजी गई है, जहां से जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
रिस्पना पुल का बदला गया एलाइनमेंट
- प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव रिस्पना क्षेत्र में किया गया है। वर्तमान में रिस्पना पुल से प्रतिदिन 40 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। निर्माण कार्य के दौरान शहर के यातायात को बाधित होने से बचाने के लिए एलिवेटेड मार्ग को रेलवे ट्रैक के समानांतर ले जाने की योजना बनाई गई है। आशारोड़ी से शुरू होकर यह कॉरिडोर मोहब्बेवाला, आईएसबीटी और अजबपुर के ऊपर से गुजरते हुए आगे बढ़ेगा। अजबपुर और मोहकमपुर के बीच फ्लाईओवर की व्यवस्था होगी, जिसके बाद वाहन मियांवाला होते हुए सीधे लच्छीवाला में हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर उतरेंगे।
भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे ₹1,000 करोड़
- परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती है। कुल लागत में से लगभग 1,000 करोड़ रुपये केवल जमीन अर्जन पर खर्च होने का अनुमान है। एनएचएआई, जिला प्रशासन और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (SLAO) के माध्यम से अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
इन इलाकों की जमीन होगी अधिगृहीत:
- परियोजना के दायरे में देहराखास, सेवला खुर्द, बद्रीपुर, ब्राह्मणवाला, माजरा, माजरी माफी, मोहब्बेवाला, मोहकमपुर खुर्द, शाहनगर, कारगी ग्रांट, अजबपुर कलां, अजबपुर खुर्द, चक अजबपुर खुर्द और चक शाहनगर सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। मुआवजा प्रक्रिया पूरी होते ही धरातल पर निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा।
