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‘ईरान में सत्ता बदलने का संकल्प’: ट्रंप से फोन पर चर्चा के बाद नेतन्याहू के कड़े तेवर

  • अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साये में पश्चिम एशिया की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सोमवार को एक अघोषित और बेहद गोपनीय दौरे पर इजरायल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी मुलाकात की। इजरायली सूत्रों के हवाले से सामने आई इस खबर ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, खासकर तब जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के नए आसार बन रहे हैं।

उव्दा एयरबेस पर हुई उच्च-स्तरीय गुप्त बैठक

  • इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डोरन स्पीलमैन ने इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात की पुष्टि की है। यह बैठक इजरायल के दक्षिणी नेगेव रेगिस्तानी इलाके में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उव्दा एयरबेस पर आयोजित की गई।
  • प्रवक्ता के अनुसार, इस गुप्त चर्चा के केंद्र में क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे और उनसे निपटने के लिए अमेरिका-इजरायल की अटूट रणनीतिक साझीदारी रही। दोनों नेताओं ने मौजूदा भू-राजनीतिक हालात की समीक्षा की और भविष्य की संयुक्त रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। हालांकि, इस दौरे की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक या सार्वजनिक टिप्पणी नहीं आई है।

ट्रंप से फोन पर चर्चा और नेतन्याहू का कड़ा रुख

  • इस मुलाकात से ठीक पहले, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रविवार को फोन पर अहम बातचीत हुई थी।
  • सूत्रों के मुताबिक, इस बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु ईरान का शासन और पश्चिम एशिया में उसका प्रभाव था। नेतन्याहू ने इस संदर्भ में दो टूक कहा कि उनकी सरकार ईरानी हुकूमत को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अमेरिकी रक्षा मंत्री का अचानक इजरायल पहुंचना और ठीक उसी समय ट्रंप-नेतन्याहू के बीच इस स्तर की चर्चा होना, इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ कोई बड़ा कूटनीतिक या सैन्य कदम उठाया जा सकता है।

क्षेत्रीय तनाव और नए समीकरण

  • यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार चरम की ओर बढ़ रहा है। इजरायल लंबे समय से ईरान समर्थित ताकतों के खिलाफ मुखर रहा है। ऐसे में अमेरिकी रक्षा मंत्री का यह दौरा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक आक्रामक और मजबूत दिशा देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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