मस्क की ‘स्टारशील्ड’ में तकनीकी खामी: आसमान से गिरे ड्रोन, रूस के खिलाफ रोकना पड़ा सैन्य अभियान
- रूस के खिलाफ युद्ध के बीच यूक्रेन को एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सैन्य सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारशील्ड’ में अचानक आई रुकावट के कारण 10 लाख डॉलर (भारतीय करेंसी में लगभग 8.3 करोड़ रुपये) से अधिक कीमत वाले यूक्रेनी ड्रोन आसमान से नीचे आ गिरे। इस तकनीकी व्यवधान के चलते यूक्रेनी सैनिकों को तीन दिनों तक अपने लगभग सभी सैन्य अभियान रोकने पड़े।
अचानक धुंधली हुई वीडियो फीड, गिरे ड्रोन
- ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते दर्जनों हथियारबंद ड्रोन रूसी ठिकानों की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक उनकी वीडियो फीड धुंधली हो गई। स्टारशील्ड के जरिए इन ड्रोन्स का जमीन पर मौजूद पायलटों से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। परिणामस्वरूप, कई ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे यूक्रेनी इकाइयों को भारी हथियारों का नुकसान उठाना पड़ा।
- एक यूक्रेनी कमांडर ने बताया कि इस व्यवधान के कारण उन्हें अगले तीन दिनों के लिए रूसी कमांड पोस्ट और ईंधन केंद्रों पर होने वाले हमलों समेत लगभग सभी अभियान स्थगित करने पड़े। ये हमले अग्रिम मोर्चों पर यूक्रेनी सैनिकों की रक्षा करने और रूसी बढ़त को धीमा करने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
रूस पर दबाव या राजनीतिक दांव?
- यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के तहत रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के कुछ दिनों बाद सामने आया है। यूक्रेनी अधिकारियों को आशंका है कि रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों के लिए कीव को दंडित करने और युद्ध में रियायतें देने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। कीव पहले से ही अमेरिकी सैन्य खुफिया जानकारी साझा करने में कमियों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की डिलीवरी में देरी की शिकायत करता रहा है।
क्या है ‘स्टारशील्ड’?
- स्टारशील्ड एलन मस्क की कंपनी ‘स्पेसएक्स’ द्वारा विकसित एक मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट संचार प्रणाली है, जो ‘स्टारलिंक’ का उन्नत रूप है। यूक्रेनी सेनाएं इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर संचार और ड्रोन ऑपरेशनों के लिए करती हैं। हालांकि, यह एडवांस्ड सिस्टम सभी सैनिकों के पास उपलब्ध नहीं है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती रुकावटों के बाद अब 100 मील प्रति घंटे से अधिक की गति वाले ड्रोन्स का कनेक्शन अभी भी टूट जाता है, जिससे रूसी जेट-संचालित हथियारों और ड्रोन्स को रोकने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन्स पर गंभीर असर पड़ा है।
अमेरिका और मस्क की प्रतिक्रिया
- वॉशिंगटन की ओर से इस मामले पर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। व्हाइट हाउस और ट्रंप प्रशासन ने सैटेलाइट सेवाओं में जानबूझकर पाबंदी लगाने या किसी भी बदलाव से साफ इनकार किया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा इसे ‘सुनियोजित अभियान’ बताए जाने के आरोप को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया है। दूसरी ओर, एलन मस्क का कहना है कि स्टारशील्ड को पेंटागन नियंत्रित करता है, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस तक पहुंच कौन तय करता है, इसका फैसला स्पेसएक्स करता है।
विकल्प तलाश रहा यूक्रेन
- इस संकट के बाद यूक्रेनी सेना अब अपने ड्रोन संचालन के लिए नए विकल्पों की तलाश कर रही है, जिससे सैनिकों का ध्यान युद्ध के मैदान से भटक रहा है। सैन्य कमांडरों का मानना है कि इस व्यवधान ने मैदान में रूस को सीधा फायदा पहुंचाया है और यूक्रेनी सैनिकों का अमेरिकी सहयोग पर से भरोसा डगमगाने लगा है।
