Uttarakhand

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 881 नए घरों को मंजूरी, गरीबों का सपना होगा पूरा

  • उत्तराखंड के 16 नगर निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 881 नए घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह स्वीकृति हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की बैठक में प्रदान की गई।
  • शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा के अनुसार, इस निर्णय के बाद राज्य के चयनित नगर निकायों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।
  • योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को ₹2.75 लाख की केंद्रीय सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी ताकि वे अपने स्वयं के पक्के मकान का निर्माण कर सकें।
  • सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के हर पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाए। इस योजना से न केवल बेघर परिवारों को राहत मिलेगी बल्कि राज्य में आवासीय विकास को भी गति मिलेगी।

अब सीधे खाते में पहुँचेगी आवास सहायता राशि

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का प्रमुख लक्ष्य है — हर परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना।
    इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में वे परिवार जो अभी तक अपने स्वयं के पक्के मकान से वंचित हैं, उन्हें आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • सरकार की ओर से मिलने वाली यह ₹2.75 लाख की केंद्रीय सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और लाभार्थी अपने घर के निर्माण में इस राशि का उपयोग कर सकेंगे।
  • इस पहल का उद्देश्य न केवल गरीब परिवारों को छत मुहैया कराना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए “सबके लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करना भी है।

उत्तराखंड में आवास मिशन को मिलेगी नई रफ़्तार

  • राज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत मिली नई स्वीकृतियों से उत्तराखंड में आवास मिशन को नई गति मिलेगी। अब तक इस योजना के माध्यम से राज्य के हजारों जरूरतमंद परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिल चुका है।
  • शहरी विकास विभाग के अनुसार, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के सभी पात्र परिवारों को जल्द ही आवास उपलब्ध कराना संभव होगा। विभाग का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को “हर परिवार के पास अपना घर” के विज़न की दिशा में अग्रसर किया जाए।
  • इस स्वीकृति से न केवल गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के आवासीय विकास और सामाजिक स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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