‘कुछ किसानों को जेल में बंद किया जाएगा’, सुप्रीम कोर्ट ने किसानो के लिए क्यों कहा ऐसा?
कोर्ट ने कहा कि कुछ किसानों को जेल भेजने से दूसरों को सबक मिलेगा और पराली जलाने की आदत पर लगाम लगेगी।
कोर्ट में चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई। इस मामले की एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने बताया कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए सब्सिडी और मशीनें दी गई हैं, मगर किसान बहाने बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ किसान कहते हैं कि उन्हें ऐसी जगह पर पराली जलाने को कहा जाता है, जहां सैटेलाइट नजर नहीं रखता। अपराजिता ने कोर्ट से कहा, “2018 से सुप्रीम कोर्ट ने कई आदेश दिए, लेकिन किसान सिर्फ लाचारी दिखाते हैं।”
‘कानून नहीं तोड़ पायेगा कोई’
चीफ जस्टिस ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों सरकार इस मामले में सख्त कानूनी कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा, “अगर कुछ लोगों को जेल भेजा जाए तो सही संदेश जाएगा। पर्यावरण बचाने की सच्ची मंशा है तो सजा के प्रावधान क्यों नहीं बनाए जाते?”
चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि किसान हमारे लिए खास हैं, क्योंकि वही हमें अन्न देते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कानून तोड़ें।
