उत्तराखंड का बेटा बना सेना में अधिकारी, आयुष्मान गुसांई बने लेफ्टिनेंट
- देहरादून के अठुरवाला निवासी आयुष्मान गुसांई ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोगों ने उन्हें व उनके परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
- उत्तराखंड के युवाओं के लिए भारतीय सेना में सेवा देना हमेशा से एक बड़ा सपना रहा है। आयुष्मान गुसांई ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सेना में अधिकारी बनकर युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की है।
- आयुष्मान ने अपनी स्कूली शिक्षा भानियावाला स्थित दून पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने यूपीईएस देहरादून से बीटेक (कंप्यूटर साइंस) की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उनका लक्ष्य भारतीय सेना में अधिकारी बनने का था। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने आर्मी ऑफिसर टेक्निकल एंट्री (TGC) परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।
- चयन के बाद उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) चेन्नई और OTA गया में प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 7 मार्च 2026 को उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली।
- अपनी सफलता का श्रेय आयुष्मान गुसांई ने अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया है। उनके पिता संजय गुसांई दवाइयों के थोक व्यापार से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता शीला गुसांई गृहिणी हैं।
- आयुष्मान की इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं को भी सेना में जाने के लिए प्रेरणा मिलेगी और यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
