उत्तराखंड में LPG की कमी से शादी-ब्याह पर असर, कैटरिंग कारोबारियों की बढ़ी लागत
- उत्तराखंड में व्यावसायिक LPG सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब शादी-बारात और कैटरिंग कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। गैस की कमी के कारण कई कैटरिंग संचालकों को व्यंजनों में कटौती करनी पड़ रही है और कुछ जगहों पर नई बुकिंग लेना भी बंद कर दिया गया है।
- जानकारों के अनुसार 15 अप्रैल से विवाह सीजन फिर शुरू होगा, जो मई तक चलेगा। इस बार विवाह के मुहूर्त कम होने के कारण एक ही दिन में कई शादियां होने की संभावना है। ऐसे में यदि व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो शादी समारोहों में मेन्यू सीमित करना पड़ सकता है।
- हल्द्वानी में कैटरिंग कारोबारियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण अब उन्हें इंडक्शन चूल्हे, लकड़ी के चूल्हे और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे कैटरिंग की लागत बढ़ रही है, जिसके चलते प्रति प्लेट 100 से 150 रुपये तक कीमत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कई परिवारों को अपने विवाह समारोह के बजट को नियंत्रित करने के लिए व्यंजनों की संख्या कम करनी पड़ सकती है।
- नैनीताल में कुछ कैटरिंग संचालकों ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है। वहीं गैस सिलेंडर की कमी के कारण कुछ मामलों में बुकिंग रद्द करने की नौबत भी आ रही है। कारोबारियों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर शादी समारोहों और स्थानीय कारोबार दोनों पर पड़ेगा।
- रामनगर जैसे पर्यटन क्षेत्रों में कई होटल और रिसॉर्ट लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने लगे हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए मशहूर इस क्षेत्र में कैटरिंग और होटल व्यवसायी वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर किसी तरह व्यवस्था संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
- इसी बीच इंडक्शन चूल्हों की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। कई दुकानों में इनका स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई है, क्योंकि होटल और कैटरिंग से जुड़े लोग बड़ी संख्या में इन्हें खरीद रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि अगर LPG आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई, तो आने वाले विवाह सीजन में खर्च और व्यवस्थाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है।
