Uttarakhand

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, बिहार से पहुंचीं 12 हजार नई ईवीएम मशीनें

  • उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के साथ-साथ चुनावी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करने में जुटा है। इसी क्रम में भारत निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद बिहार से नई ईवीएम (EVM) मशीनों की खेप राज्य पहुंची है।
  • निर्वाचन विभाग को 6,000 वीवीपैट (VVPAT), 2,500 बैलेट यूनिट (Ballot Unit) और 12,500 कंट्रोल यूनिट (Control Unit) प्राप्त हुई हैं। नई मशीनों के शामिल होने के बाद प्रदेश में कंट्रोल यूनिट की संख्या बढ़कर करीब 23 हजार, बैलेट यूनिट की संख्या 27 हजार और वीवीपैट की उपलब्धता लगभग 21 हजार तक पहुंच गई है। इससे आगामी चुनावों के लिए आवश्यक संसाधनों को और मजबूती मिलेगी।
  • प्रदेश की वर्तमान सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होना है। इससे पहले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन विभाग सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने में लगा हुआ है।
  • राज्य में SIR का पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरा चरण जारी है और इसके 15 सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पूरी तरह चुनावी तैयारियों पर फोकस करेगा। इस बीच प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी है। पहले जहां 11,733 मतदान केंद्र थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 12,453 हो गई है।
  • मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त ईवीएम मशीनों की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसी को देखते हुए राज्य निर्वाचन विभाग ने भारत निर्वाचन आयोग से नई मशीनों की मांग की थी, जिसके बाद बिहार से मशीनें उपलब्ध कराई गईं।
  • अब इन सभी नई EVM मशीनों का प्रथम स्तरीय तकनीकी परीक्षण (First Level Checking – FLC) किया जाएगा। इस प्रक्रिया में प्रत्येक मशीन की कार्यक्षमता और तकनीकी गुणवत्ता की जांच होगी, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए और चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
  • सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने बताया कि जल्द ही सभी नई मशीनों की जांच शुरू की जाएगी। नई मशीनों के उपलब्ध होने से भविष्य में बढ़ते मतदान केंद्रों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त EVM, VVPAT और अन्य चुनावी उपकरण उपलब्ध रहेंगे। साथ ही पुरानी या खराब मशीनों को भी नई मशीनों से बदला जा सकेगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा सुरक्षित बन सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *