सावधान! मसूरी–देहरादून रोड पर बढ़ा खतरा, भारी बारिश के बीच 24 घंटे निगरानी के निर्देश
- उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर मसूरी–देहरादून मार्ग पर भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार देर रात हुई मूसलधार बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा आ गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। राहत कार्य के बाद बुधवार सुबह मार्ग को दोबारा वाहनों के लिए खोल दिया गया, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
- लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने रातभर जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का कार्य किया। अधिकारियों का कहना है कि मौसम को देखते हुए मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्थान पर मलबा आने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
- निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चूनाखाल से मैगी प्वाइंट तक के क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील बताया। पिछले वर्ष आई आपदा के बाद यह इलाका भूस्खलन की दृष्टि से अधिक जोखिम वाला माना जा रहा है। ऐसे में इस पूरे मार्ग पर 24 घंटे निगरानी रखने और आवश्यक मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और कुछ स्थानों पर खनन गतिविधियों के कारण ढलानों की स्थिरता प्रभावित हुई है। लगातार बारिश के दौरान पहाड़ियों से मलबा गिरने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मसूरी–देहरादून रोड पर आवागमन प्रभावित हो सकता है।
- इसके अलावा एलकेडी (LKD) वैकल्पिक मार्ग भी बारिश के दौरान संवेदनशील बना हुआ है। यहां भी पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने इस मार्ग पर भी जेसीबी मशीनें तैनात की हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सड़क साफ कर यातायात बहाल किया जा सके।
- प्रशासन ने मसूरी आने-जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट अवश्य जांच लें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। इससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है।
