Uttarakhand

नैनीताल में कड़ा भू-कानून लागू: धामी सरकार ने जब्त की 1.822 हेक्टेयर जमीन

  • उत्तराखंड में धामी सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त भू-कानून के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नैनीताल जिले में निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग न किए जाने पर प्रशासन ने 7 मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 1.822 हेक्टेयर (लगभग 91 नाली 1 मुट्ठी) भूमि को राज्य सरकार में निहित (जब्त) कर लिया है।

कागजों में भक्ति और खेती, मौके पर खाली मैदान: एसडीएम नैनीताल का बड़ा एक्शन, शर्तों का उल्लंघन पड़ा भारी

  • जमीन जिस मकसद से खरीदी, उस पर काम नहीं किया तो अब खैर नहीं! नैनीताल प्रशासन ने भू-कानून की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। परगना मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नवाजिश खलीक की अदालत ने उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के तहत कड़ा आदेश जारी कर नियमों की अनदेखी करने वालों को कड़ा संदेश दिया है।

राजस्व अभिलेखों की जांच और मौके पर किए गए औचक निरीक्षण ने कागजी दावों की पोल खोलकर रख दी:

  • ‘धार्मिक काम’ के नाम पर खाली पड़ी जमीन: पट्टी मल्ली कुटौली के ग्राम कमड़ा और शीतला में 1.562 हेक्टेयर जमीन धार्मिक गतिविधियों के नाम पर खरीदी गई थी। लेकिन जब टीम धरातल पर पहुंची, तो वहां न कोई धार्मिक आयोजन मिला और न ही कोई ढांचा—पूरी जमीन बियाबान खाली पड़ी थी।

  • खेती के नाम पर ली, पर छोड़ दी बंजर: पट्टी सतबूंगा के ग्राम सतबूंगा में 0.260 हेक्टेयर जमीन कृषि कार्य का हवाला देकर ली गई थी। निरीक्षण में खुलासा हुआ कि जमीन पर लंबे समय से हल तक नहीं चला था और वह पूरी तरह बंजर हालत में छोड़ दी गई थी।

  • प्रशासन का साफ संदेश: एसडीएम कोर्ट की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि नैनीताल में अनुमति की आड़ में जमीनें घेरकर रखने का खेल अब नहीं चलेगा। जिस उद्देश्य के लिए मंजूरी ली गई है, धरातल पर उसका पालन अनिवार्य है, वरना जमीन से हाथ धोना पड़ सकता है।

पारदर्शी व्यवस्था पर सरकार का जोर

  • संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिए जाने के बाद, अनुमति की शर्तों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर यह कार्रवाई की गई। राजस्व अधिकारियों को अभिलेखों में आवश्यक संशोधन दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मामले पर जिलाधिकारी (डीएम) ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा भू-खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और कानूनसम्मत बनाना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भू-कानून के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश

  • मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों, जनसांख्यिकी और स्थानीय हितों की सुरक्षा के लिए भू-कानून के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की भूमि और यहां के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। जो लोग औद्योगिक, पर्यटन या कृषि विकास के नाम पर जमीन खरीदकर उसका दुरुपयोग करेंगे या कानून का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”

जनता में खुशी की लहर

  • उत्तराखंड में लंबे समय से सख्त भू-कानून लागू करने की मांग उठती रही है। धामी सरकार द्वारा नैनीताल में की गई इस बड़ी कार्रवाई का स्थानीय लोगों, आंदोलनकारियों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इस तरह के कड़े फैसलों से राज्य की कृषि योग्य भूमि को अवैध खरीद-फरोख्त से बचाया जा सकेगा।

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