एशियाई खेल 2026: पदक हाथ से छूटा तो आयोजकों पर फूटा पीवी सिंधू का गुस्सा, जमकर लगाई क्लास!
- एशियाई खेल 2026 में भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का सफर बेहद निराशाजनक और विवादित मोड़ पर खत्म हुआ। महिला एकल वर्ग के कड़े मुकाबले में हारकर पदक से चूकने के बाद सिंधू का गुस्सा आयोजकों पर फूट पड़ा। मुकाबले के दौरान और बाद में हुए कुप्रबंधन को लेकर भारतीय शटलर ने आयोजकों को आड़े हाथों लिया और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए।
मुकाबले के दौरान गलत फैसलों और अव्यवस्था पर उठाए सवाल
- मुकाबले के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पीवी सिंधू ने अपनी भड़ास निकाली। सिंधू ने आरोप लगाया कि मैच के दौरान अंपायरिंग के कई फैसले पक्षपातपूर्ण थे और मुख्य अंकों पर मिले गलत फैसलों ने उनके खेल की लय को पूरी तरह से प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “यह केवल एक मैच हारने की बात नहीं है, बल्कि इतने बड़े मंच पर इस तरह के घटिया स्तर के प्रबंधन और गलत अंपायरिंग की उम्मीद नहीं की जा सकती। जब आप साल भर कड़ी मेहनत करते हैं, तो ऐसे फैसले आपका मनोबल तोड़ देते हैं।”
शेड्यूल और कोर्ट मैनेजमेंट को लेकर जताई नाराजगी
- सिंधू ने केवल अंपायरिंग ही नहीं, बल्कि आयोजकों द्वारा अंतिम समय में किए गए शेड्यूल बदलाव और वार्म-अप कोर्ट की कमियों पर भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के विश्राम और तैयारी के लिए उचित समय नहीं दिया गया, जिससे प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ा। भारतीय टीम प्रबंधन ने भी इस संबंध में एशियाई खेल समिति के समक्ष आधिकारिक विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है।
फैंस और खेल जगत में चर्चा का विषय बनी घटना
- आमतौर पर शांत रहने वाली पीवी सिंधू के इस उग्र रूप ने पूरे खेल जगत का ध्यान खींचा है। भारतीय खेल प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी सिंधू का समर्थन करते हुए टूर्नामेंट के आयोजन स्तर पर चिंता जताई है। हालांकि पदक चूकने का मलाल पूरे भारतीय दल को है, लेकिन सिंधू के इन बयानों के बाद आयोजकों की कार्यशैली पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
