उत्तराखंड में तीन दिन की आफत के बाद राहत: आज से साफ होगा मौसम, 5 जिलों में बूंदाबांदी संभव
- उत्तराखंड में लगातार तीसरे दिन भी मानसून के कड़े मिजाज का असर दिखा। सोमवार सुबह राजधानी समेत कई जिलों में धूप खिलने के बाद दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश और जगह-जगह भूस्खलन के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबे के गिरने से रास्ता ठप हो गया, जहां फंसे लगभग 1,500 यात्रियों को SDRF, NDRF और पुलिस टीमों ने देर रात रेस्क्यू कर सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया। सुरक्षा के लिहाज से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा को फिलहाल एहतियातन स्थगित रखा गया है।
सड़कों और लोक निर्माण विभाग को भारी नुकसान
- लगातार हो रही वर्षा का सबसे बुरा असर राज्य के बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। मैदानी और संवेदनशील इलाकों में हाल ही में सड़कों की मरम्मत के लिए किया गया पैचवर्क पहली ही बारिश में उखड़ गया, जिससे सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। इसके साथ ही अलकनंदा, मंदाकिनी और गंगा समेत प्रमुख नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन की अलर्ट मोड पर तैयारी
- हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग और जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़कों को तुरंत खोलने के लिए जेसीबी और आवश्यक उपकरण तैनात किए गए हैं। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को केवल अति-आवश्यक स्थिति में ही पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
आज का मौसम: 5 पर्वतीय जिलों में छिटपुट बौछारें
- मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार से राज्य में बारिश की तीव्रता में काफी कमी आएगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं शेष जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और केवल हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जिससे राज्यवासियों को राहत मिलने के आसार हैं।
