अरुणाचल सीमा पर तनाव बरकरार: आईटीबीपी चीफ का दो टूक बयान— ‘हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं हमारे शौर्य कमांडो’
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी युद्ध-तैयारी को और धार देनी शुरू कर दी है। आईटीबीपी के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर ने राजस्थान के अलवर में बल के 65वें स्थापना दिवस से पूर्व जवानों को संबोधित करते हुए खुलासा किया कि फोर्स ने ‘शौर्य कमांडो’ नाम से एक नई लड़ाकू इकाई तैयार की है। इन कमांडो ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना (PLA) के साथ चल रहे गतिरोध के दौरान अपनी क्षमताओं को साबित भी किया है।
पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिकीकरण पर जोर
- डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर ने स्पष्ट किया कि भारत के सबसे बड़े विरोधी चीन का मुकाबला करने के लिए युद्ध के पारंपरिक तरीके अब नाकाफी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आईटीबीपी अपने आधुनिकीकरण अभियान को तेज कर रही है। बल की हर सीमा बटालियन में कमांडो तैनात किए जा रहे हैं। साथ ही, गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 4,000 करोड़ रुपये की आधुनिकीकरण योजना के तहत ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम को प्राथमिकता दी जा रही है। फोर्स को मिले 400 करोड़ रुपये में से 70 प्रतिशत राशि का उपयोग ड्रोन युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने में किया जा रहा है।
गलवान जैसी चुनौती के लिए विशेष ‘स्ट्राइक कोर्स’
- जून 2020 की गलवान घाटी जैसी संघर्ष की स्थितियों से निपटने के लिए आईटीबीपी ने एक नया स्ट्राइक कोर्स तैयार किया है। डीजी ने बताया कि वर्ष 2027 के अंत तक पूरी फोर्स को यह विशेष प्रशिक्षण दे दिया जाएगा। इसके अलावा, अग्रिम इलाकों में जोखिम को कम करने के लिए जमीन के नीचे विशेष आश्रय स्थल (अंडरग्राउंड शेल्टर) बनाए जा रहे हैं ताकि युद्ध के दौरान ऊपरी संरचनाओं को निशाना बनाए जाने के खतरे से बचा जा सके। अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों के लिए इंसुलेटेड बैरक, सोलर वॉटर हीटर और वाहनों के लिए ‘कोल्ड-स्टार्ट किट’ जैसी सुविधाएं भी जुटाई जा रही हैं।
राजनीतिक पारा गर्म: कांग्रेस ने सरकार को घेरा
- दूसरी ओर, आईटीबीपी प्रमुख के बयानों और अरुणाचल सीमा पर स्थिति को लेकर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
- कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स‘ पर पोस्ट कर दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ हालिया झड़पों और पेट्रोलिंग पॉइंट्स को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख की तरह ही अरुणाचल में भी कई पेट्रोलिंग पॉइंट्स अब भारत के नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। कांग्रेस नेता ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि चीन लगातार अरुणाचल में भारतीय क्षेत्रों के नाम बदल रहा है और सीमा के पास बड़े बांध का निर्माण कर रहा है, जो पर्यावरण और जल सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
