देहरादून में बढ़ेगा जाम का खतरा! दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के साथ खुलेंगे 6 नए ट्रैफिक स्टेशन
- देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक जाम को देखते हुए अब पुलिस प्रशासन एक नया और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट मॉडल लागू करने की तैयारी में है। एक महीने की ग्राउंड स्टडी के बाद यह निर्णय लिया गया है कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े शहरों की तर्ज पर काम किया जाएगा।
- नई योजना के तहत देहरादून जिले में 6 हाईटेक ट्रैफिक स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 4 देहरादून शहर, 1 ऋषिकेश और 1 विकासनगर में स्थापित किया जाएगा। इन स्टेशनों पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे, जो मौके पर ही जाम से निपटने के लिए तुरंत निर्णय ले सकेंगे और चालान व ट्रैफिक नियंत्रण की कार्रवाई भी वहीं से संचालित करेंगे।
- दरअसल, वर्तमान में ट्रैफिक संचालन एक केंद्रीय कार्यालय से होता है, जिससे जाम वाले स्थान तक पहुंचने में देरी हो जाती है। ऐसे में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पूरी तरह शुरू होने के बाद ट्रैफिक दबाव कई गुना बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
- इसके साथ ही सड़कों पर अव्यवस्थित खड़े वाहनों को हटाने के लिए संसाधनों को भी बढ़ाया जा रहा है। अभी तक शहर में 9 टो-क्रेन संचालित हैं, जिन्हें बढ़ाकर 20 करने की योजना है। लक्ष्य रखा गया है कि प्रतिदिन 200 से अधिक वाहनों को टो किया जाए, ताकि सड़कें साफ रहें और जाम की समस्या कम हो।
- हालांकि, इस नई योजना के सामने स्टाफ की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस पहले से ही सीमित संसाधनों में काम कर रही है। ऐसे में नए ट्रैफिक स्टेशनों और बढ़ी हुई क्रेन संख्या के संचालन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता होगी।
- फिलहाल पुलिस विभाग द्वारा आंतरिक फेरबदल के जरिए व्यवस्था को संभालने की योजना बनाई जा रही है। आने वाले समय में यह नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम देहरादून में जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
