हर महीने 2 साल तक मिलेंगे 1000 रुपये! जानिए, क्या है मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना
Bihar में बेरोजगार स्नातकों के लिए बड़ी खुशखबरी!
राज्य ब्यूरो, पटना: सात निश्चय कार्यक्रम के तहत पहले इंटर पास बेरोजगार युवाओं को मिलने वाली मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना अब स्नातक पास बेरोजगार युवक-युवतियों तक भी पहुंच गई है।
इस योजना के तहत 20 से 25 साल के बेरोजगार स्नातक युवाओं को दो साल तक हर महीने 1000 रुपये स्वयं सहायता भत्ते के रूप में दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह अपने एक्स हैंडल पर इस योजना के विस्तार की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत पूर्व से चल रही योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
कौन पाएगा लाभ?
अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक पास बेरोजगार युवक-युवतियों को भी मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ मिलेगा। इससे पहले यह सुविधा केवल इंटर पास युवाओं तक ही सीमित थी।
योजना के तहत 20 से 25 वर्ष के ऐसे स्नातक, जो अध्ययनरत नहीं हैं, नौकरी या स्वरोजगार की कोशिश कर रहे हैं, और सरकारी या निजी क्षेत्र में किसी तरह की नियोजन नहीं रखते, उन्हें प्रति माह 1000 रुपये दिए जाएंगे। यह सहायता अधिकतम दो वर्षों तक प्रदान की जाएगी, ताकि युवाओं को आर्थिक सहारा मिल सके और वे अपने कैरियर की दिशा में आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री का संदेश: युवाओं को सशक्त और रोजगारोन्मुखी बनाने की पहल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता भत्ता का लाभ पाने वाले युवक-युवतियां इसे आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में इस्तेमाल करें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सके।
उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि 2005 में नई सरकार बनने के बाद से ही युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार प्रदान करना, उन्हें सशक्त और सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता रही है। अगले पाँच सालों में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आने वाले समय में सरकारी और निजी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नई नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आसानी से रोजगार या नौकरी पा सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस पहल का उद्देश्य है कि बिहार के शिक्षित युवा आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनें और देश एवं राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
