Uttarakhand

“चमोली आपदा: राहत कार्य पूरा, मलबे से मिले 5 शव, अन्य की तलाश जारी”

“चमोली के नंदानगर में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। कुंतरी, लगा फाली और सरपाणी क्षेत्र में तहसील प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की मदद से मलबे में फंसे पांच लोगों के शव शुक्रवार को बरामद किए गए। इसके साथ ही इस क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

प्रशासन ने कुंतरी, लगा फाली और सरपाणी क्षेत्र से कुल सात शवों का पोस्टमार्टम कर उन्हें स्वजनों को सौंप दिया है। वहीं मोख घाटी के धुर्मा गांव में लापता महिला और बुजुर्ग की खोजबीन के लिए राहत कार्य और तेज कर दिया गया है। बचाव दल हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि जल्द ही सभी लापता लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।”

  • “चमोली आपदा अपडेट: राहत और बचाव कार्य में तेजी, रेस्क्यू टीमों की संख्या बढ़ाई गई। रात्रि में मौसम साफ रहने और वर्षा न होने के कारण राहत अभियान में गति आई है, जबकि प्रभावित गांव के लोग रातभर जागकर मदद की निगरानी कर रहे थे।

 

  • शुक्रवार सुबह से ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मलबा हटाकर लापता लोगों को खोजने में जुटी हुई थी। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार लगातार मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम ने सुबह से ही क्षतिग्रस्त घरों से मलबा हटाना शुरू किया और इस दौरान कुंतरी, लगा फाली और सरपाणी क्षेत्र में मलबे से भागा देवी पत्नी जगदंबा प्रसाद, कांता देवी पत्नी कुंवर सिंह, विकास और विशाल पुत्र कुंवर सिंह, व देवेश्वरी देवी पत्नी दिलबर सिंह के शव बरामद किए गए हैं।”

 

  • “चमोली आपदा अपडेट: बीते दिन जगदंबा प्रसाद और नरेंद्र सिंह के शव बरामद हो चुके हैं। कुंतरी, लगा फाली और सरपाणी में कुल आठ लोग लापता थे, जिनमें से कुंवर सिंह को रेस्क्यू टीम ने 16 घंटे बाद घर से जिंदा निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। शुक्रवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के हायर सेंटर में शिफ्ट किया गया। उनके स्वास्थ्य में सुधार है, हालांकि वह बार-बार अपनी पत्नी और दो बच्चों के बारे में पूछ रहे हैं।

 

  • राहत और बचाव टीम अब मोख घाटी के धुर्मा गांव में 78 वर्षीय गुमान सिंह और 38 वर्षीय ममता देवी की खोजबीन में जुटी है। प्रशासन लगातार आपदा प्रभावित परिवारों से संवाद कर उन्हें हरसंभव सहायता और भरोसा दे रहा है। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि सेरा-धुर्मा सड़क, जो आपदा में पूरी तरह वाश आउट हो गई थी, को शीघ्र सुचारु करने का कार्य किया जा रहा है। पैदल मार्ग बहाल कर राहत सामग्री प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही है, जबकि हेली सेवाओं के माध्यम से फूड पैकेट और राशन किट धुर्मा गांव भेजी गई हैं ताकि किसी परिवार को भोजन या जरूरी चीज़ों की कमी न हो।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने राहत शिविरों का निरीक्षण भी किया और मरिया आश्रम में ठहरे लोगों से भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तत्परता के साथ उनकी देखभाल कर रहा है और हर आवश्यक सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जा रही है।”

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