Uttarakhand

“दून अस्पताल की लापरवाही! 4.30 घंटे तक तड़पी बुजुर्ग महिला, डीएम ने तुरंत इलाज सुनिश्चित किया”

“आपदा प्रभावित बुजुर्ग महिला की मदद के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अन्य मंत्री और अधिकारी तत्पर थे, लेकिन दून अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने 4.5 घंटे तक महिला को तड़पने पर मजबूर किया।

शहर से करीब 40 किमी दूर दुर्गम रास्तों से अस्पताल पहुंची बुजुर्ग महिला को साढ़े चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा और स्वजनों को भी खड़ा रखा गया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने ऋषिकेश एम्स ले जाने और आईसीयू बेड खाली न होने की बात कहकर समय गंवाया। अंततः रात करीब 8:30 बजे जिलाधिकारी के निर्देश पर महिला को आईसीयू में दाखिल कर उपचार शुरू किया गया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होगी और हर आपदा प्रभावित को तुरंत मदद मिलेगी।”

“जिलाधिकारी के आदेश पर बुजुर्ग महिला को तुरंत भर्ती किया गया!”

  • “आपदा की चपेट में सिल्ला (फुलेत) गांव: देहरादून से संपर्क पूरी तरह कट गया, ग्रामीण हैं पूरी तरह प्रभावित। मालदेवता से ऊपर स्थित इस गांव तक जाने वाले सभी मार्ग आपदा की जद में आकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

 

  • गांव निवासी बीरी ने बताया कि गुरुवार शाम को उनकी 62 वर्षीय मां क्योला देवी अचानक बेहोश हो गईं और शरीर का दाहिना हिस्सा सुन हो गया। लेकिन खराब रास्तों और गांव में कोई सुविधा न होने के कारण उन्हें केवल सांत्वना दी जा सकी। पूरा गांव रातभर जागता रहा, किसी ने भी नींद नहीं ली, और सूरज निकलने का इंतजार करते हुए ग्रामीणों ने मदद का सहारा तलाशा।”

“आपदा में बहादुरी: जवानों ने मां को कंधे पर लादकर पहुंचाया सुरक्षित जगह”

“शुक्रवार सुबह, राहत-बचाव कार्य के लिए पहले से तैनात एसडीआरएफ जवानों ने बुजुर्ग महिला को कंधे पर लादकर सिल्ला-मोलदार पहुंचाया। वहां से पिकअप किराए पर लेकर उन्हें मसूरी उपजिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें दून अस्पताल रेफर किया। शाम करीब चार बजे एंबुलेंस से महिला दून अस्पताल पहुंची, लेकिन इमरजेंसी में प्राथमिक जांच के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया। कई बार भटकने और मदद की गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे परिवार और आसपास के लोग बेबस हो गए।”

“दून अस्पताल में बुजुर्ग महिला की मुश्किलें खत्म हुईं!”

अस्पताल प्रशासन ने पहले एम्स ले जाने और आईसीयू बेड खाली न होने की बात कहकर महिला की भर्ती में विलंब किया। इसके बाद गांव के प्रधान को सूचना दी गई, जिन्होंने स्थिति की जानकारी जिलाधिकारी सविन बंसल और अन्य अधिकारियों को दी। डीएम के तुरंत निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने महिला को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आरएस बिष्ट ने बताया कि शाम करीब सात बजे प्रशासन को मरीज की स्थिति की जानकारी मिली। इसके बाद तुरंत भर्ती और इलाज की कार्रवाई की गई। महिला का सीटी स्कैन भी किया गया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अस्पताल में हुई लापरवाही और आरोपों की पूरी जांच कराई जाएगी।

 

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