“अल्मोड़ा: स्कूल के पास मिले विस्फोटक का राज़ खुला, मुख्य आरोपी दबोचा गया”
- सल्ट क्षेत्र में स्कूल के पास मिली विस्फोटक सामग्री के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि झाड़ियों में मिली जिलेटिन ट्यूब करीब छह साल पहले सड़क निर्माण के लिए लाई गई थीं, जिन्हें लापरवाही के कारण वहीं फेंक दिया गया था।
कैसे शुरू हुआ मामला
- दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में हालिया धमाकों के बाद अल्मोड़ा के सल्ट इलाके में तब हड़कंप मच गया जब राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डबरा के पास बच्चों को झाड़ियों में विस्फोटक जैसी सामग्री दिखाई दी। बच्चों ने तुरंत इसकी सूचना स्कूल प्रशासन और पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई।
एसएसपी ने खुद संभाली कमान
- मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देवेंद्र पींचा ने जांच की कमान अपने हाथों में ली और लगातार तीन दिनों तक सल्ट में कैंप किया।
इस दौरान घटनास्थल के आसपास सघन सर्च अभियान, संदिग्धों से पूछताछ और कई ठेकेदारों से पूछताछ की गई। - लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने प्रशांत कुमार बिष्ट, निवासी गरसारी (थाना पाटी, जिला चंपावत) को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपित से पूछताछ में क्या पता चला
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि:
- वर्ष 2016–17 में उसने 3 किमी सड़क निर्माण का ठेका लिया था।
- वर्ष 2018 में सड़क पर चट्टानें मिलने के कारण उसके साझेदार ने किसी व्यक्ति से बात कर जिलेटिन ट्यूब मंगाई थीं।
- यह विस्फोटक सामग्री उसके किराये के कमरे में रखी थी।
- कमरे को लंबे समय तक खाली न करने पर जून 2025 में मकान मालिक ने ताला तोड़कर कमरे की सफाई कराई।
- मजदूरों ने कमरे की सारी सामग्री, जिसमें जिलेटिन ट्यूब भी थीं, झाड़ियों में फेंक दीं।
- मकान मालिक को अंदाज़ा नहीं था कि सामग्री विस्फोटक है।
जिलेटिन ट्यूब झाड़ियों तक कैसे पहुंचीं?
आरोपित के लंबे समय तक कमरे में न लौटने पर:
- मकान मालिक ने कमरे की सफाई कराई,
- मजदूरों ने बिना जानकारी के विस्फोटक सामग्री को झाड़ियों में फेंक दिया,
- यहीं स्कूल के पास बच्चों को यह सामग्री मिली।
जांच के लिए बनी थीं चार टीमें
मामले को संवेदनशील मानते हुए पुलिस ने चार टीमें गठित कीं:
- बम डिस्पोज़ल टीम
- डॉग स्क्वॉड
- स्थानीय व आसपास की थाना पुलिस
- एलआईयू एवं आईआरबी टीमें
