“भारत दौरे के अंत में पुतिन का बड़ा बयान—अफगानिस्तान पर टिप्पणी से पाकिस्तान क्यों भड़केगा?”
- भारत की दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से स्वदेश लौट गए। इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों देशों ने आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर दोहराया।
- लेकिन इस दौरे का सबसे चर्चित हिस्सा वह बयान रहा, जिसमें पुतिन ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को संदेश देते हुए अफगानिस्तान पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी।
पुतिन का बयान, जिससे पाकिस्तान बौखला सकता है
- पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है और देश में अफीम की खेती को रोकने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
- इसी के आधार पर रूस ने तालिबान को आधिकारिक मान्यता देने का फैसला किया है।
- यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान अक्सर अफगानिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। हाल के महीनों में पाकिस्तान और तालिबान सरकार के संबंध भी काफी तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में पुतिन का यह समर्थन पाकिस्तान को निश्चित रूप से असहज कर सकता है।
अफगानिस्तान की स्थिति पर पुतिन का विश्लेषण
- एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि समस्याएँ हर देश में होती हैं और अफगानिस्तान भी इससे अलग नहीं है। दशकों तक आंतरिक संघर्ष और अस्थिरता से जूझने के बाद आज तालिबान ने देश में कई क्षेत्रों पर नियंत्रण कायम किया है और स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है।
तालिबानी सरकार की पुतिन ने की खुलकर तारीफ
- राष्ट्रपति पुतिन ने दोहराया कि वर्तमान अफगान सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
- उन्होंने यह भी जोर दिया कि ड्रग्स और अफीम उत्पादन पर रोक लगाने में तालिबान ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं।
- यही वजह है कि रूस पहला बड़ा देश है जिसने तालिबान शासन को औपचारिक रूप से मान्यता दी है। पुतिन के अनुसार, अफगानिस्तान कई अन्य मोर्चों पर भी “बेहतर प्रदर्शन” कर रहा है।
