Uttarakhand

हृदय रोग उपचार में बड़ी सफलता: AIIMS ऋषिकेश में बिना सर्जरी ठीक हुई हार्ट वाल्व लीकेज

  • एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने हार्ट वाल्व लीकेज से जूझ रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग का बिना ओपन हार्ट सर्जरी सफल इलाज कर एक मिसाल पेश की है। मरीज के हृदय की पंपिंग क्षमता सिर्फ 20 प्रतिशत रह गई थी, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
  • ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अयोग्य इस मरीज का इलाज ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) तकनीक से किया गया। यह एक अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें बिना छाती खोले जांघ की नस के माध्यम से हृदय तक पहुंचकर माइट्रल वाल्व की लीकेज को ठीक किया जाता है।
  • इलाज के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. बरुण कुमार के अनुसार सामान्य रूप से हृदय की पंपिंग क्षमता 60 प्रतिशत होती है, लेकिन इस मरीज में यह बेहद कम थी। TEER तकनीक से हृदय की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
  • यह उपलब्धि उन्नत चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमवर्क और हर नागरिक के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य अधिकार को दर्शाती है। ऐसे जटिल मामलों में बिना सर्जरी इलाज का विकल्प मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है।

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