उत्तराखंड: फर्जी सहकारी समिति के नाम पर 7 करोड़ की ठगी, दो की गिरफ्तारी
- उत्तराखंड में करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जनता की मेहनत की कमाई हड़पकर तीन साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपियों को लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ Ramnagar और Haldwani थाना क्षेत्रों में पहले से ही मुकदमे दर्ज थे।
- पुलिस के अनुसार, अधिक ब्याज और गारंटी का झांसा देकर फर्जी सहकारी समिति के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी। Nainital पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर की गई।
- एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि ठगी से बचा जा सके। आरोपियों ने फर्जी सहकारी समिति बनाकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाया था। इस संबंध में कोतवाली रामनगर में धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
- पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में आरोपियों ने “देवभूमि बहुद्देशीय स्वावलंबी सहकारी समिति” के नाम से संस्था बनाकर निवेशकों को अधिक मुनाफे और सुरक्षा का लालच दिया। इसके बाद रामनगर, हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों से करीब 300 लोगों से लगभग 6.80 करोड़ रुपये जमा कराए गए। बाद में आरोपी यह रकम हड़पकर फरार हो गए।
- तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को Lalkuan क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में हेमचंद पंत (हरिपुर नायक, नैनीताल) और विकास दुर्गापाल (डहरिया, हल्द्वानी) शामिल हैं।
- पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
