उत्तराखंड में बड़ा प्रदर्शन: बिंदुखत्ता में 12 हजार लोग सड़कों पर उतरे, सरकार से मांगें तेज
- Bindukhatta को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर मंगलवार को संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में भव्य जन प्रदर्शन आयोजित किया गया। जनता इंटर कॉलेज परिसर में हुई इस सभा में 12 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई, जिसे अब तक का सबसे बड़ा जनसमूह माना जा रहा है।
- प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन वक्ताओं के भाषणों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश और नाराजगी साफ नजर आई।
- वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग दशकों से राजस्व गांव का दर्जा पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने बताया कि तीन-तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं के बावजूद क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
- प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित नहीं किया गया, तो हजारों लोग Haldwani, Dehradun और Delhi तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- सभा को संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन खिलाफ सिंह दानू, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल, हरीश पनेरू, प्रमोद कलोनी, रमेश जोशी, हरीश बिशौती, भाजपा नेता भरत नेगी, नंदन बोरा, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, माले नेता बहादुर सिंह जग्गी, पुष्कर दानू, कुंदन मेहता और उमेश भट्ट समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
- वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग करते हुए कहा कि यह संघर्ष अब आर-पार की लड़ाई बन चुका है।
