टिहरी झील को मिलेगी अन्तर्राष्ट्रीय पहचान: एडवेंचर स्पोर्ट्स और मास्टर प्लान पर जोर
- टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पूरे झील क्षेत्र की सुनियोजित विकास योजना अब तैयार की जाएगी।
- सरकार ने करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को समाहित करते हुए पूरे मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करने का फैसला लिया है। इसमें सरकारी भूमि के साथ निजी भूमि को भी शामिल किया जाएगा, ताकि बेतरतीब निर्माण पर अंकुश लगाते हुए पर्यटन विकास को दीर्घकालिक स्वरूप दिया जा सके।
- मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टिहरी झील को वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन की अवधारणा के रूप विकसित करने के लिए पूरे क्षेत्र की दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। मास्टर प्लान तैयार करते समय स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव व अनुमति ली जाएं।
- योजना में क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता, स्थानीय जरूरतों और पर्यटन संभावनाओं का ध्यान रखा जाए। उन्होंने तकनीकी सहयोग के लिए स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली और भोपाल से सहयोग लेने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
कम जलस्तर में भी होंगी गतिविधियां
- मुख्य सचिव ने अप्रैल से जून के दौरान जलस्तर कम रहने पर भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। मौसम और जलस्तर के अनुरूप वर्षभर का गतिविधि कैलेंडर तैयार होगा। नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल विकसित करने के साथ आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री के समक्ष होगा प्रस्तुतीकरण
- मुख्य सचिव ने टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए समग्र कार्ययोजना बनाने के साथ ही प्रस्तावित गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह इस प्रकार बनाया जाए ताकि इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने को भी कहा।
