शिक्षा का उत्सव: दून विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में 42 छात्रों को गोल्ड मेडल सम्मान
- दून विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन सोमवार को गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2024 के 484 स्नातक, 241 स्नातकोत्तर और 13 पीएचडी विद्यार्थियों सहित कुल 738 छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं।
- समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने 42 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी पुरस्कार और नागरिक साहस पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
- दीक्षा समारोह का मुख्य संबोधन गणेश रामकृष्णन, प्रोफेसर आईआईटी बॉम्बे ने दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की उपयोगिता, संभावनाओं और भविष्य में इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI शिक्षा, शोध और मानव विकास के क्षेत्र में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकता है।
- विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हर वर्ष दीक्षांत समारोह को किसी समसामयिक और वैश्विक विषय से जोड़ा जाता है, ताकि विद्यार्थी नवाचार और तकनीक से प्रेरित हो सकें। इस वर्ष समारोह का विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रखा गया, जो भविष्य की शिक्षा और रोजगार से सीधे जुड़ा है।
- समारोह में साहसी विद्यार्थी अग्रांशु ग्रोवर को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से लूट करने वाले अपराधियों का सामना कर नागरिक कर्तव्य निभाया। यह सम्मान युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करने का प्रतीक है।
- कुलसचिव दुर्गेश डिमरी ने जानकारी दी कि दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई सभी उपाधियां विद्या परिषद से अनुमोदित हैं। यह समारोह शिक्षा के अधिकार, समान अवसर और प्रतिभा के सम्मान को मजबूती देने वाला रहा।
