Uttarakhand

Dehradun News: निगम की जमीन पर दबंगों का हमला, बोर्ड उखाड़कर दोबारा कब्जे की तैयारी

  • देहरादून (विजय जोशी, जागरण) – नगर निगम की कीमती जमीनों पर भूमाफिया लगातार कब्जे की कोशिशों में लगे हैं। सहस्रधारा रोड के आसपास के इलाकों में कुछ लोग निगम की सरकारी जमीनों को हथियाने की हर संभव जुगत में लगे हैं।
  • कई बार प्रशासनिक कार्रवाई और स्वामित्व बोर्ड लगाने के बावजूद माफिया फिर से जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करते हैं। कई स्थानों पर नगर निगम के बोर्ड रातोंरात उखाड़ दिए जाते हैं और कब्जे की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। नगर निगम ने ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है।

संगठित रूप से चल रहा कब्जा खेल

  • सूत्रों के अनुसार, सहस्रधारा रोड से सटे वार्डों में सरकारी भूमि को ठिकाने लगाने के लिए संगठित षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। नगर निगम के भूमि अनुभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जब कब्जा होता है तो निगम की टीम मौके पर नहीं होती, और स्थानीय शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई की जाती है।
  • हालांकि, निगम का दावा है कि बीते कुछ समय से सभी कीमती जमीनों पर तारबाड़ और स्वामित्व बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद भूमाफिया के हौसले कम नहीं हुए हैं।

सरकारी अवकाश में तेज होती हैं कब्जे की कोशिशें

  • नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि भूमाफिया अक्सर सरकारी छुट्टियों का फायदा उठाते हैं। जब विभागीय अधिकारी अवकाश पर होते हैं, तो कब्जे की कोशिशें तेज हो जाती हैं। कई मामलों में दो से तीन दिन की छुट्टी के दौरान जमीन पर निर्माण और अवैध गतिविधियां भी शुरू कर दी जाती हैं। हाल ही में हुए सरकारी अवकाशों में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया।
  • नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई के जरिए इन प्रयासों को रोका जाएगा और निगम की जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून: निगम की जमीनों पर कब्जा प्रयास, बोर्ड फिर से लगाया गया

  • देहरादून (सौरभ थपलियाल, महापौर) – डांडा लखौंड बेल्ट में हाल ही में नगर निगम की जमीन पर भूमाफिया ने कब्जे की कोशिश की। निगम द्वारा पहले लगाए गए स्वामित्व बोर्ड तक उखाड़ दिए गए। इससे पहले भी यह जमीन निगम की टीम द्वारा कब्जामुक्त कराई जा चुकी थी। सोमवार को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटाया और फिर से बोर्ड लगाया।
  • नगर निगम सूत्रों के अनुसार, यह सवाल उठता है कि भूमाफिया इतने हठीले हैं या निगम की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

एलिवेटेड रोड प्रभावितों के लिए चिन्हित जमीन पर कब्जा प्रयास

सहस्रधारा रोड के आइटी पार्क के पास डांडा लखौंड क्षेत्र में नगर निगम और राज्य सरकार की लगभग चार से छह बीघा जमीन खाली है। यह भूमि रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए चिन्हित की गई थी।

हालांकि, इस क्षेत्र में भी भूमाफिया ने कब्जे की कोशिशें शुरू कर दी हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कब्जा किस हिस्से में हुआ, लेकिन निगम ने एहतियातन सुरक्षा और निगरानी कार्रवाई शुरू कर दी है।

भूमि पर बाउंड्रीवाल योजना अभी ठंडे बस्ते में

नगर निगम की कई जमीनें खाली होने के बावजूद घेराबंदी नहीं की गई है। भूमि अनुभाग कब्जा हटाने के बाद निर्माण अनुभाग को तारबाड़ या चहारदीवारी का प्रस्ताव भेजता है, लेकिन वहां से कार्रवाई की गति धीमी रहने के कारण कई बार जमीन पर दोबारा निर्माण शुरू हो जाता है। लगभग डेढ़ वर्ष से भूमि के चारों ओर बाउंड्रीवाल की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है।

निगम की चेतावनी

महापौर सौरभ थपलियाल ने स्पष्ट किया कि निगम की जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • हर एक इंच जमीन अगर कब्जे में पाया गया तो उसे तुरंत छुडवाया जाएगा।

  • भूमाफिया के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।

  • खाली जमीनों पर चहारदीवारी और तारबाड़ कराने की कार्ययोजना जल्द लागू की जाएगी।

  • निगम के कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम का यह कदम स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि कब्जा रोकने और जमीन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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