सोना खरीदने जा रहे हैं इस धनतेरस? शुद्धता कम निकली तो सरकार देगी मुआवजा—जानें नियम
- भारत में धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन लाखों लोग सोने के आभूषण, सिक्के और गोल्ड बिस्किट खरीदते हैं। लेकिन बढ़ती हुई सोने की कीमतों के बीच अब केवल खरीदना ही नहीं, बल्कि गोल्ड की शुद्धता (Gold Purity Check) पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी हो गया है।
- पिछले एक साल में सोने के भाव में 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में अगर खरीदा गया सोना उतनी शुद्धता वाला न निकले, तो खरीदार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
- अब ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि अगर आपने BIS Hallmark वाला सोना खरीदा है और उसकी शुद्धता जांच (Purity Test) में कमी पाई जाती है, तो आपको मुआवजा (Gold Compensation) मिल सकता है।
- यह मुआवजा कम पाई गई शुद्धता के अनुपात में तय किया जाएगा, और इसके साथ ही आपको टेस्टिंग चार्ज का दोगुना भी वापस मिलेगा। यानी अब यदि आपके खरीदे गए हॉलमार्क्ड गोल्ड की गुणवत्ता में गड़बड़ी निकलती है, तो नुकसान नहीं—बल्कि मुआवजा मिलेगा।
- इस नियम का उद्देश्य है कि खरीदारों को नकली या कम शुद्धता वाले सोने से सुरक्षा दी जाए और BIS hallmark gold को बढ़ावा मिले।
क्या है हॉलमार्किंग? जानिए सोने की शुद्धता से जुड़ी पूरी जानकारी
- भारत में सोने की शुद्धता (Gold Purity) को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हॉलमार्किंग (Hallmarking) को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य किया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 16 जून 2021 से हुई, जिसमें शुरुआती चरण में 256 जिलों को शामिल किया गया था।
- इसके बाद दूसरे चरण में 4 अप्रैल 2022 को 32 नए जिले जोड़े गए, तीसरे चरण में 6 सितंबर 2023 को 55 जिले और चौथे चरण में 5 नवंबर 2024 को 18 और जिलों को हॉलमार्किंग के दायरे में लाया गया।
- अब तक देश के 361 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य की जा चुकी है। यानी 14 नवंबर 2024 के बाद देशभर में बेचे जाने वाले सभी गोल्ड ज्वेलरी और आभूषणों पर हॉलमार्क होना जरूरी है।
हॉलमार्क क्या दर्शाता है?
हॉलमार्क एक सरकारी प्रमाणन चिन्ह (Government Certification Mark) है जो यह सुनिश्चित करता है कि सोने की शुद्धता भारतीय मानकों (BIS Standards) के अनुरूप है। यह निशान उपभोक्ता को यह भरोसा देता है कि खरीदा गया सोना असली और शुद्ध है।
हॉलमार्क की जांच कैसे करें?
BIS (Bureau of Indian Standards) ने हर हॉलमार्क्ड ज्वेलरी के लिए एक 6 अंकों का HUID नंबर (Hallmark Unique Identification Number) जारी करना अनिवार्य किया है।
आप इस Gold HUID Number की जांच BIS Care App पर कर सकते हैं।
-
ऐप में “Verify HUID” विकल्प चुनें।
-
वहां HUID नंबर डालकर यह पता लगाएं कि आपकी ज्वेलरी असली है या नहीं और उसकी शुद्धता (Purity Level) क्या है।
बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की जांच भी संभव
अगर आपके पास पुरानी या बिना हॉलमार्क की ज्वेलरी है, तो चिंता की बात नहीं। आप उसे BIS मान्यता प्राप्त Assaying & Hallmarking Centres (AHCs) में जांच के लिए ले जा सकते हैं।
-
एक बार में अधिकतम 10 पीस ज्वेलरी जांच के लिए दी जा सकती हैं।
-
जांच के बाद आपको एक Purity Report दी जाएगी, जिसमें यह स्पष्ट लिखा होगा कि आभूषण असली सोने से बना है या उसमें अन्य धातुएं मिश्रित हैं।
गोल्ड शुद्धता जांच शुल्क
-
हर आभूषण की जांच के लिए ₹45 प्रति पीस शुल्क लिया जाता है।
-
हालांकि, एक बार में न्यूनतम ₹200 का भुगतान अनिवार्य है।
अगर सोना कम शुद्ध निकला तो क्या मिलेगा मुआवजा?
हां, अगर किसी उपभोक्ता द्वारा लाई गई हॉलमार्क्ड ज्वेलरी की शुद्धता उस पर लिखे मानक से कम पाई जाती है, तो उपभोक्ता को मुआवजा (Gold Compensation) मिलेगा।
मुआवजे की राशि कितनी होगी?
-
शुद्धता में हुई कमी के अनुपात में दो गुना राशि (Double the Value Difference) दी जाएगी।
-
इसके साथ टेस्टिंग का पूरा खर्च भी उपभोक्ता को वापस मिलेगा।
इस नियम से उपभोक्ताओं को नकली या कम शुद्धता वाले सोने से सुरक्षा मिलती है और BIS Hallmark Gold को बढ़ावा मिलता है।
