BRICS गाला डिनर में कांग्रेस के 3 मुख्यमंत्रियों को मिला निमंत्रण, फिर भी नहीं पहुंचे; जानें दूरी बनाने की वजह
- भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विदेशी मेहमानों के सम्मान में आयोजित गाला डिनर को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। रात्रिभोज में भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री नजर आए, जिसके बाद इसे लेकर सवाल उठने लगे कि क्या विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था या नहीं। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को भी निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन कांग्रेस से जुड़े तीन मुख्यमंत्री इस आयोजन में शामिल नहीं हुए।
- रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 12 सितंबर को आयोजित डिनर का निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया था। हालांकि, बाद में उनके कार्यालय की ओर से सरकार को जानकारी दी गई कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।
- रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि केरल के वी. डी. सतीशन और कर्नाटक के डी. के. शिवकुमार भी डिनर में शामिल नहीं हुए। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इन दोनों नेताओं को रिपोर्ट में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के रूप में उल्लेख किया गया है; इन्हें संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री के रूप में लिखना सही नहीं होगा।
- वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय उस समय विदेश दौरे पर थे, इसलिए वह भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। दूसरी ओर, डिनर में भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। इस वजह से कार्यक्रम की तस्वीरों के बाद राजनीतिक चर्चा को और हवा मिली।
- BRICS गाला डिनर भारत की अध्यक्षता में आयोजित शिखर सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। प्रधानमंत्री मोदी ने 12 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेताओं और अन्य विदेशी मेहमानों के सम्मान में इस विशेष रात्रिभोज की मेजबानी की। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और व्यंजनों की झलक भी देखने को मिली।
- इस पूरे मामले को लेकर अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई बड़ा आधिकारिक राजनीतिक आरोप सामने नहीं आया है। हालांकि, भारतीय राजनीति में इससे पहले भी ऐसे मौकों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजकीय कार्यक्रमों में निमंत्रण और उपस्थिति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।
- आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि BRICS Summit के दौरान अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करना भारत की अध्यक्षता के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में BRICS से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की व्यापक योजना का हिस्सा था। ऐसे में विपक्षी नेताओं का डिनर में शामिल नहीं होना राजनीतिक चर्चा का विषय जरूर बन गया है, लेकिन उनकी गैर-मौजूदगी के पीछे सभी की ओर से एक समान कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
