Uttarakhand Board Exam Update: नैनीताल में घट रही बोर्ड छात्रों की संख्या, निजी स्कूलों को तरजीह
- नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की ओर अभिभावकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। आधुनिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास और सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में गतिविधि-आधारित पढ़ाई के कारण निजी संस्थान अभिभावकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
- इसी वजह से उत्तराखंड बोर्ड से जुड़े सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या घट रही है। बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना एक ट्रेंड बन गया है, जिसका सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं में दिखाई दे रहा है।
- नैनीताल जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों की संख्या इस वर्ष करीब 5 प्रतिशत कम हुई है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में 17,887, 2025 में 19,143, जबकि 2026 में परीक्षार्थियों की संख्या घटकर 18,234 रह गई है।
- इसमें हाईस्कूल में 9,573 छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जबकि इंटरमीडिएट में 8,661 विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
- जिले में 1,825 स्कूल संचालित हैं, जिनमें 1,300 सरकारी और 525 निजी विद्यालय शामिल हैं। इसके बावजूद, कुल छात्र-छात्राओं में से लगभग 60 प्रतिशत निजी स्कूलों में अध्ययनरत हैं, जबकि केवल 40 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
- उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं फरवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होंगी। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कक्ष निरीक्षक और सचल दल के शिक्षक अन्य विद्यालयों से नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
