बच्चों की मौत पर WHO का सख्त बयान, इन तीन सीरप का सेवन तुरंत रोकें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को दूषित कफ सीरप को लेकर अधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। संगठन ने सभी देशों से आग्रह किया है कि अगर उनके यहां इन दवाओं का पता चले, तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसी को इसकी सूचना दें।
मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का है, जहां कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से 23 नवजात बच्चों की मौत हो गई। इस गंभीर घटना के बाद भारत के कई राज्यों की सरकार ने इस खतरनाक कफ सीरप को बैन कर दिया है।
डब्ल्यूएचओ ने इस जानलेवा कफ सीरप पर गंभीर संज्ञान लिया है और सभी देशों को इसके सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
WHO ने तीन कफ सीरप को लेकर जारी की सख्त चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स का रेस्पिफ्रेश टीआर और शेप फार्मा का रीलाइफ कुछ विशिष्ट बैच खतरनाक हैं।
WHO के अनुसार, ये दूषित उत्पाद गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं और संभावित रूप से जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
CDSCO का बयान और स्थिति
भारत के स्वास्थ्य प्राधिकरण केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने WHO को जानकारी दी कि इन कफ सीरप का सेवन मुख्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों ने किया था। जांच में पता चला कि इन दवाओं में विषाक्त डाइथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा नियंत्रित सीमा से लगभग 500 गुना अधिक थी।
CDSCO ने यह भी कहा कि इन दवाओं का भारत से निर्यात नहीं किया गया और अवैध निर्यात का कोई सबूत नहीं मिला। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने भी पुष्टि की कि ये विषाक्त कफ सीरप अमेरिका में नहीं भेजे गए थे।
