UKSSSC पेपर लीक का रहस्य खुला: मास्टरमाइंड का असली चेहरा सामने
UKSSSC पेपर लीक: मुख्य आरोपित खालिद मलिक की खुली पोल
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की रविवार को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के तीन पन्ने इंटरनेट मीडिया पर लीक होने के मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक की करतूतें सामने आ गई हैं।
जांच में पता चला है कि खालिद ने परीक्षा के लिए चार अलग-अलग पहचान के साथ ऑनलाइन आवेदन किए थे। इन चार आवेदन में न केवल पिता का नाम और मोबाइल नंबर अलग थे, बल्कि फोटो भी बदल-बदलकर लगाई गई थी। यह खुलासा खालिद की योजना की गहनता और पेपर लीक के पीछे की रणनीति को उजागर करता है।
- रविवार को पेपर लीक का मामला सामने आते ही उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने आरोपित खालिद मलिक की पूरी जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि खालिद ने आठ अलग-अलग मोबाइल नंबर आवेदन फॉर्म में दर्ज किए थे, जिससे आयोग का शक और गहरा गया।
- जांच के दौरान, खालिद की बहन हिना ने बताया कि खालिद ने घर में ही कह दिया था कि उसने कई फॉर्म इसलिए भरे हैं ताकि जिस परीक्षा केंद्र पर नकल की व्यवस्था होगी, वहीं परीक्षा दे सके। आयोग ने बताया कि इस भर्ती परीक्षा में कुल 1,54,764 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, इसलिए पहले चरण में हर फॉर्म की गहन जांच करना मुश्किल था।
- लेकिन परीक्षा के दौरान खालिद ने अपने पुराने परिचित सहायक प्रवक्ता सुमन को वाट्सएप पर प्रश्नपत्र के तीन पन्ने भेजे और उनका उत्तर बहन हिना के मोबाइल पर पहुंचाने की योजना बनाई। इस खुलासे के बाद आयोग का शक और भी मजबूत हो गया।
- आयोग ने खालिद के सभी फॉर्म की जांच की, जिसमें पता चला कि हर फॉर्म में अलग-अलग जानकारी और फोटो इस्तेमाल किए गए थे। मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिशें भी सफल नहीं रहीं—अधिकांश नंबर बंद थे या किसी और के नाम पर थे। इस पूरी जांच ने खालिद की पेचीदा योजना और धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर कर दिया।
