110 Kmph की रफ्तार से आ रहा Cyclone Montha, 3 राज्यों में मचा हड़कंप – मौसम विभाग ने दी चेतावनी
- चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) तेजी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान मंगलवार शाम तक काकिनाड़ा के पास, मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच समुद्री तट से टकरा सकता है।
- भारतीय मौसम विभाग (IMD) के सुबह 9:30 बजे के ताज़ा अपडेट में बताया गया है कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय यह सिस्टम पिछले छह घंटों में करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है और अब यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है।
हवा की रफ्तार होगी 110 Kmph तक
- मौसम विभाग का कहना है कि यह तूफान आज शाम से रात के बीच आंध्र तट को पार करेगा। इसके दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है, जबकि झोंके 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
- इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत की है और राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
सावधानी बरतने की अपील
- मौसम विभाग ने तटीय जिलों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। प्रशासन ने बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
पांच राज्यों में NDRF की तैनाती, 100 से ज्यादा ट्रेनें और कई फ्लाइट्स रद्द
- चक्रवाती तूफान मोंथा (Cyclone Montha) के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने पांच राज्यों — आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पुडुचेरी, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में 22 NDRF टीमें तैनात कर दी हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं।
- रेलवे ने एहतियातन कदम उठाते हुए दक्षिण मध्य रेलवे और पूर्वी तट रेलवे की ओर से 100 से अधिक ट्रेनों को अगले दो दिनों के लिए रद्द कर दिया है। इसके अलावा, कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी हुआ है। प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
- मौसम के बिगड़ते हालात के चलते फ्लाइट ऑपरेशन्स पर भी असर पड़ा है। कई रूट्स पर उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की गई हैं।
आंध्र प्रदेश को सबसे बड़ा खतरा
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. एम. मोहापात्रा ने बताया कि तूफान के तट से टकराने के बाद इसकी रफ्तार कुछ कम हो जाएगी और यह ओडिशा की ओर बढ़ेगा।
- आंध्र प्रदेश को सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है,
- इसके बाद ओडिशा और
- फिर छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव देखा जाएगा।
आईएमडी के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर तक आंध्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में भारी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।
लोगों को घर में रहने की सलाह
- तटीय इलाकों में राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है और लोगों को वहीं ठहरने की अपील की गई है।
समुद्र में ऊंची लहरों के उठने की संभावना के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
पर्यटन स्थलों और सभी बीचों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। - ओडिशा सरकार ने भी संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। आठ दक्षिणी जिलों में रेड अलर्ट जारी है और वहां हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने कहा है कि अगर तूफान का ट्रैक बदलता है, तो तुरंत आपात कार्रवाई की जाएगी।
