Uttarakhand

“चारधाम यात्रा 2025: इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं ने बनाया नया इतिहास, दर्शन को उमड़ी ऐतिहासिक भीड़”

  • बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा के सभी धाम शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। रिकॉर्ड तोड़ संख्या में लोग इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बने। इस बार 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम दर्शन किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4,35,901 अधिक है—यह अपने आप में एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
  • 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलते ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा शुरू हुई। शुरुआत से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। हालांकि यात्रा के दूसरे चरण में कुछ दिनों तक प्राकृतिक बाधाओं के कारण आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का हौसला बना रहा। कुशल यात्रा प्रबंधन ने इस बार की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रही।

शीतकालीन यात्रा की तैयारियाँ तेज

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होते ही अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।

  • भगवान बदरीनाथ की शीतकालीन पूजा पांडुकेश्वर और ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में होगी।
  • केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होगी।
  • गंगोत्री की पूजा अब मुखबा में, जबकि यमुनोत्री की पूजा खरसाली में होगी।

 

  • इस वर्ष राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी।
  • मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों समेत अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ठहरने, परिवहन और सुरक्षा की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाए। साथ ही, शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक और आधुनिक दोनों माध्यमों का उपयोग कर राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुँचाया जाए।
  • सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को जोड़कर नए सर्किट विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम जारी है, जिससे उत्तराखंड की पर्यटन अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

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