“रुड़की में अवैध मजारों पर चला बुलडोज़र: चेतावनी के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई”
- रुड़की में सरकारी भूमि पर लंबे समय से बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह कदम केवल अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए उठाया जा रहा है और इसमें किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना उद्देश्य नहीं है।
- बुधवार सुबह प्रशासन द्वारा सीलिंग की जमीन पर बनाई गई एक मजार को हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्व में जारी नोटिस और चेतावनी के बाद की गई है।
- दरगाह प्रशासक एवं तहसीलदार रुड़की, विकास अवस्थी, ने बताया कि प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण की पहचान, उसके सत्यापन और फिर उसे हटाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। प्रशासन ने लोगों को पहले ही यह सूचना दे दी थी कि सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान कानूनी और प्रशासनिक नियमों के तहत चलाया जा रहा है, जिसमें सभी समुदायों की भावनाओं और मानवाधिकारों (Human Rights) का सम्मान सुनिश्चित किया गया है। किसी भी ढांचे को हटाने से पहले सूचना, नोटिस और चेतावनी देना अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह पालन किया गया।
- प्रशासन का कहना है कि शहर में मौजूद हर तरह के अतिक्रमण—चाहे वे धार्मिक हों, व्यावसायिक हों या आवासीय—उन सभी पर निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में विकास कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकें और सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा की जा सके।
- स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण करने से पहले कानूनी स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।
