IMA Passing Out Parade 2025: भारतीय सेना को मिले 481 नए अफसर, पहली बार महिला कैडेट बनीं परेड का हिस्सा
- देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर पर शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड (POP) देशभक्ति, अनुशासन और गौरव का अद्भुत संगम बन गई। “भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम” के जोशीले उद्घोष के बीच युवा कैडेटों ने सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
- परेड के दौरान 481 जेंटलमैन कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बने, जबकि 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेटों ने भी अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में शामिल होने की तैयारी पूरी की। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बतौर मुख्य अतिथि परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया।
- सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुई परेड में कैडेटों ने शानदार मार्चपास्ट, सैन्य अनुशासन और उत्कृष्ट तालमेल का प्रदर्शन किया। ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए पहुंचे कैडेटों का आत्मविश्वास, समर्पण और देशसेवा का जज्बा दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
- समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब युवा कैडेटों ने ‘अंतिम पग’ (Antim Pag) पार कर आधिकारिक रूप से सैन्य जीवन में प्रवेश किया। यह वह ऐतिहासिक पल होता है, जब प्रशिक्षु कैडेट भारतीय सेना के अधिकारी बन जाते हैं। इस दौरान सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा भी की गई, जिसने पूरे माहौल को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया।
- समारोह में राष्ट्रपति ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर, मेडल और अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आरट्रैक कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, आईएमए कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- पुरस्कार विजेता कैडेटों में विशाल कुमार को प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर एवं गोल्ड मेडल, प्रिंस राज को सिल्वर मेडल और तेजस भट्ट को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। इसके अलावा ऋषभ मिश्रा (टीजीसी), करण पांडेय (टीईएस) और बोधराज थापा (एससीओ) को भी विशेष श्रेणियों में सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। वहीं बांग्लादेश के कैडेट जैफ सादिद अल्वी को सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट का सम्मान मिला। इंफाल कंपनी ने चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर अपने नाम किया।
- यह पासिंग आउट परेड न केवल भारतीय सेना के लिए नए नेतृत्व का आगमन थी, बल्कि युवाओं के समर्पण, राष्ट्रभक्ति और सैन्य परंपराओं का भी प्रेरणादायक उदाहरण बनी।
