“बांग्लादेश में भूकंप का बड़ा असर—तीन लोगों की मौत, भारत में महसूस हुए झटके”
- शुक्रवार सुबह कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुबह लगभग 10:10 बजे आया यह भूकंप करीब 17 सेकंड तक महसूस किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.7 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश बताया गया है, जहां इसके कारण तीन लोगों की मौत हो गई है।
- जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार, यह भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में उत्पन्न हुआ था, जिसके चलते कंपन का प्रभाव सीमाओं को पार करते हुए बंगाल तक पहुंचा।
बांग्लादेश रहा केंद्र, लेकिन बंगाल तक पहुंचे झटके
- हालांकि भूकंप का मुख्य केंद्र बांग्लादेश में स्थित था, लेकिन बंगाल के कई इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। कोलकाता सहित आसपास के जिलों में भवनों के हिलते ही लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। अचानक आए इस झटके ने कई लोगों को भयभीत कर दिया।
बांग्लादेश में तीन लोगों की मौत, कई इमारतें क्षतिग्रस्त
- बांग्लादेश में आए 5.7 तीव्रता के भूकंप ने काफी नुकसान पहुंचाया है। कई इमारतें हिल गईं और कुछ जगहों पर हल्का ढहाव भी देखने को मिला। स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि कम से कम तीन लोगों की जान गई है।
- समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, राजधानी ढाका में भी इमारतों में तेज कंपन देखा गया। ढाका में एक प्राइवेट फर्म में काम करने वाले सदमान साकिब ने बताया,
- “मेरी जिंदगी में मैंने ऐसा झटका कभी महसूस नहीं किया था। हम ऑफिस में थे जब फर्नीचर हिलने लगे। हम सीढ़ियों से भागकर सड़क पर आए, और देखा कि कई लोग पहले से ही बाहर खड़े थे।”
पाकिस्तान में भी महसूस हुए भूकंप के झटके
- दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार सुबह पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक पाकिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता 5.2 थी और इसका केंद्र लगभग 135 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। दो देशों में एक ही दिन भूकंप आने के बाद लोग और भी सतर्क हो गए हैं।
- यह प्राकृतिक घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भूकंप-जैसी आपदाओं से सतर्क रहना कितना ज़रूरी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की भू–गर्भीय गतिविधियाँ भविष्य में और भी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए सावधानी और जागरूकता बेहद आवश्यक है।
