“मसूरी में धूमधाम से मनी बूढ़ी दिवाली, तांदी और रासौ नृत्य ने पर्व का रंग किया दोगुना”
- पहाड़ों की रानी मसूरी ने इस वर्ष भी अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन करते हुए बग्वाली पर्व को पूरे हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया। ठंडी हवाओं, प्राकृतिक खूबसूरती और लोक-संस्कृति की सुगंध से घिरे इस पर्व ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दूर से आए पर्यटकों को भी एक अविस्मरणीय अनुभव दिया।
डिबसा पूजन से हुई शुरुआत, होलियात और भिरूड़ी वितरण बना आकर्षण
- कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक डिबसा पूजन से हुई, जिसे पंडित सुमन नौटियाल ने विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया। पूजन के बाद लोगों ने सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप होलियात खेली, जिसमें लोगों ने एक-दूसरे पर रंग-बिरंगे फूल और पवित्र चावल की वर्षा की।
- इसके बाद पर्व का सबसे प्रतीक्षित क्षण आया—अखरोट की भिरूड़ी का वितरण। जब पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर नाच रहे महिलाओं और पुरुषों के ऊपर से अखरोट की भिरूड़ी फेंकी गई, तो वातावरण संस्कृति और उल्लास से भर उठा। श्रद्धालुओं ने इस भिरूड़ी को बग्वाल के पवित्र प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।

तांदी, रासौ, जंगूबाजी और सराईं नृत्य ने बांधा समां
- पर्व का मुख्य आकर्षण रहा यहां का लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिसमें तांदी, रासौ, जंगूबाजी और सराईं नृत्य जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। ढोल-दमाऊं की गूंज और पारंपरिक गीतों पर थिरकती टोली ने ऐसा माहौल बनाया कि स्थानीयों के साथ-साथ पर्यटक भी खुद को नाचने से रोक नहीं सके।
- लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शाया कि मसूरी की सांस्कृतिक विरासत कितनी समृद्ध और जीवंत है। पर्व को देखने आए पर्यटकों ने भी इन नृत्यों में हिस्सा लेकर गढ़वाली और जौनसारी संस्कृति का आनंद उठाया।
रस्साकसी में महिलाओं की जीत ने बढ़ाया रोमांच
- कार्यक्रम में आयोजित रस्साकसी मुकाबला भी काफी रोमांचक रहा। महिलाओं और पुरुषों की टीमों ने पूरी शक्ति के साथ भाग लिया। लोगों के उत्साहवर्धन से भरे माहौल में अंततः महिलाओं की टीम विजयी रही, जिसे देखकर उपस्थित लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
अगलाड़ यमुना घाटी विकास मंच द्वारा हुआ आयोजन
- इस भव्य उत्सव का आयोजन अगलाड़ यमुना घाटी विकास मंच के तत्वावधान में मसूरी के कैम्पटी रोड स्थित पुराने चकराता टोल परिसर में किया गया। पर्व में जौनपुर, जौनसार और रवाईं घाटी के सैकड़ों लोग शामिल हुए। इसके अलावा मसूरी के स्थानीय निवासियों और देशभर से आए पर्यटकों ने भी पूरे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्यों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
- बग्वाल समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। इनमें मुख्य अतिथि नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, भाजपा नेत्री नेहा जोशी, सभाषद गौरी थपलियाल, शिवानी भारती, विशाल खरोला, रूचिता गुप्ता, पवन थलवाल, सचिन गुहेर, रणवीर सिंह कंडारी, भाजपा मंडलाध्यक्ष रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, सतीश ढौंढियाल, नगर निगम देहरादून के पार्षद सोमेंद्र बोहरा, मसूरी के पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, प्रताप पंवार, दर्शन रावत सहित कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहे।
- इन सभी ने पारंपरिक कार्यक्रमों की सराहना की और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मंच की पहल की प्रशंसा की।
पर्व ने फिर साबित किया: मसूरी सिर्फ पर्यटन नहीं, संस्कृति का जीवंत केंद्र भी है
- इस वर्ष का बग्वाली पर्व मसूरी के लिए केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अपनी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और समुदाय की एकता को मजबूत करने का माध्यम भी बना। पर्व ने यह संदेश दिया कि मसूरी सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि समृद्ध लोक-संस्कृति का केंद्र भी है, जहां पुराने रिवाज आज भी पूरे सम्मान के साथ निभाए जाते हैं।
