Uttarakhand

हरिद्वार में सीएम धामी की साधु-संतों से मुलाकात, अर्द्धकुंभ 2027 पर हुई विस्तृत बातचीत

  • अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित डाम कोठी में संत प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। यह अर्धकुंभ को लेकर होने वाली पहली औपचारिक बैठक थी, जिसमें मेला प्रशासन की ओर से विभिन्न परंपरागत समूहों के दो-दो अधिकृत प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • कुछ दिनों पहले जूना परंपरा से जुड़े श्रीमहंत हरिगिरि महाराज द्वारा अर्धकुंभ से संबंधित बयान जारी होने के बाद प्रशासनिक और धार्मिक स्तर पर हलचल तेज हो गई थी। इस परिस्थिति को शांत करने और सभी संत प्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने के उद्देश्य से मेला प्रशासन ने श्रीमहंत हरिगिरि से संपर्क साधा और वातावरण को संतुलित करने का प्रयास किया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने संत समाज के साथ शीघ्र बैठक करने का निर्णय लिया था।
  • मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मेला प्रशासन ने 28 नवंबर की तिथि निश्चित कर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। बैठक के लिए सभी पारंपरिक धार्मिक समूहों के दो-दो प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया, ताकि अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों पर व्यापक चर्चा हो सके। परंपरा के अनुसार, कुंभ और अर्धकुंभ से जुड़ी पहली समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री संत प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करते हैं और मेले में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण भी देते हैं।
  • इस बैठक में भी मुख्यमंत्री धामी ने संत समाज को आमंत्रित करते हुए आश्वासन दिया कि आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 को भव्य और दिव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
  • बैठक में यह उम्मीद भी जताई गई कि हाल ही में चली आ रही बयानबाजी और मतभेदों पर विराम लग जाएगा और सभी पक्ष मिलकर अर्धकुंभ को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि अर्धकुंभ 2027 को भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक उदाहरणात्मक आयोजन बनाया जाए।

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