Elephant Ride: राजाजी टाइगर रिज़र्व में शुरू हुई हाथी सफारी, पर्यटकों को रोमांचक सफर कराएंगी ‘राधा’ और ‘रंगीली’
- राजाजी टाइगर रिज़र्व की चीला रेंज में सोमवार का दिन बेहद खास रहा, क्योंकि वर्षों से जिसका इंतज़ार किया जा रहा था, वह सपना आखिरकार पूरा हो गया। लंबे समय के बाद चीला की शांत वन-पगडंडियों पर एक बार फिर हाथी सफारी की धीमी, सुकून देने वाली चाल सुनाई दी।
- 37 वर्षीय हथिनी ‘राधा’ और 30 वर्षीय हथिनी ‘रंगीली’ कोर क्षेत्र की ओर पर्यटकों को लेकर रवाना हुईं। प्रमुख वन संरक्षक की ओर से इस सफारी को 15 जून तक संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है।
लंबे समय बाद फिर शुरू हुई पारंपरिक सफारी
- राजाजी टाइगर रिज़र्व को 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए खोला गया था, लेकिन अब तक सफर केवल वाहनों के सहारे ही हो रहा था।
2018 से पहले यहाँ हाथी सफारी नियमित रूप से संचालित होती थी, लेकिन 3 अगस्त 2018 को उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था। - जनवरी 2019 में रोक हटाई गई, पर राजाजी में हाथी सफारी पुनः शुरू होने में कई वर्ष लग गए।
- कुछ महीने पहले चीला में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने हाथी सफारी शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 22 नवंबर को वन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी किया और सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद सफारी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया।
सफारी के रूट और विशेषताएँ
दोनों हथिनियों के साथ सफारी चीला रेंज में दो निर्धारित रूटों पर चलाई जा रही है:
- चीला गेट से मुंडाला तक लगभग 3 किलोमीटर सर्किल
- दूसरा ट्रैक चीला से घासीराम की ओर
- इन क्षेत्रों में मोटर वाहन सफारी प्रतिबंधित है, इसी वजह से हाथी के जरिए जंगल का अनुभव अधिक शांत, सुरक्षित और पूरी तरह प्राकृतिक माना जा रहा है।
- रेंज अधिकारी बीडी तिवाड़ी ने बताया कि इस सफारी के दौरान पर्यटक चीतल, सांभर, मोर, गोल्डन जैकल, गुलदार, हाइना, बाघ, और सर्दियों में आने वाले कई प्रवासी पक्षियों को नजदीक से देखने का मौका पाएंगे।
- उन्होंने कहा कि हाथी सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना है। सफारी पूरी तरह वन नियमों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशिक्षित महावतों की निगरानी में होगी।
समय और बुकिंग जानकारी
- सफारी रोजाना दो पालियों में चलेगी
- सुबह: 6:30–7:30 बजे
- शाम: 2:30–3:30 बजे
- बुकिंग केवल ऑफलाइन मोड में चीला बुकिंग काउंटर पर
- संपर्क नंबर: 9411568917, 8630823298
हाथी सफारी शुल्क
- भारतीय पर्यटक: ₹1000
- विदेशी पर्यटक: ₹3000
- पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए नि:शुल्क
- छात्र/विद्यार्थी: ₹250 (75% छूट)
- एक हथिनी पर अधिकतम 3 पर्यटक ही अनुमति
