Uttarakhand

केदारनाथ में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड! इस साल पहुंचे 16.56 लाख से ज्यादा यात्री

  • उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस बार नई ऊंचाइयों को छू रही है। बारिश और बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। श्रद्धा और आस्था की प्रतीक केदारनाथ यात्रा ने इस साल नया रिकॉर्ड बनाया है। बुधवार तक 16.56 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों को पार कर चुका है।
  • वर्ष 2024 की यात्रा अवधि के दौरान 16,52,076 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे थे, जबकि इस बार अभी धाम के कपाट बंद होने में करीब 15 दिन बाकी हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या में और वृद्धि होना तय माना जा रहा है।
  • चारधाम यात्रा की यह रफ्तार दर्शाती है कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन लगातार नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। केदारनाथ में भक्तों का यह सैलाब न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि राज्य की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूत आधार दे रहा है।

चारधाम यात्रा 2025: केदारनाथ में बढ़ी रौनक, 23 अक्टूबर को बंद होंगे कपाट

  • उत्तराखंड में चारधाम यात्रा एक बार फिर रफ्तार पकड़ रही है। बुधवार को केदारनाथ धाम में 5614 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। यात्रा के प्रति भक्तों का उत्साह लगातार बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को भैया दूज के पावन अवसर पर बंद होंगे। यानी अभी यात्रा 15 दिन और जारी रहेगी
  • केवल केदारनाथ ही नहीं, बल्कि बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी इस समय श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है।
  • राज्य सरकार ने इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है। यात्रा मार्गों पर जवानों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों की व्यवस्था की गई है ताकि मलबा हटाने का कार्य तुरंत किया जा सके और यातायात प्रभावित न हो।
  • गौरतलब है कि इस वर्ष 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम, दो मई को केदारनाथ धाम, और चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए थे। हालांकि, मानसून के दौरान अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के चलते चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से प्रभावित रही। विशेष रूप से गंगोत्री धाम का धराली पड़ाव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके चलते कुछ समय के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री यात्राओं को रोकना पड़ा था।
  • अब मौसम में सुधार और व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन के बाद चारधाम यात्रा फिर से पटरी पर लौट आई है, और यात्रियों की बढ़ती संख्या राज्य के पर्यटन और आस्था दोनों को नई ऊर्जा दे रही है।

सीएम धामी बोले – चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

  • उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मानसून के बाद फिर से रफ्तार पकड़ रही है। अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण बाधित यात्रा को बहाल करना शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन संबंधित विभागों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए यात्रा मार्गों को शीघ्र ही दुरुस्त किया। परिणामस्वरूप, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा दोबारा शुरू हो गई है और अब श्रद्धालु सुरक्षित रूप से दर्शन कर पा रहे हैं।
  • प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें और प्रतिकूल मौसम में यात्रा से बचें। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रियों को लगातार सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही जिलाधिकारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

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