Pankaj Dheer के निधन पर मुकेश खन्ना ने भीष्म के तौर पर याद किए पुराने दिन: ‘उन्होंने असली महाभारत नहीं पढ़ी…’”
- महाभारत में कर्ण की भूमिका निभाने वाले जाने-माने अभिनेता पंकज धीर (Pankaj Dheer) अब इस दुनिया में नहीं रहे। 15 अक्टूबर को 68 साल की उम्र में कैंसर से जंग हारने के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा। पंकज के निधन से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा। उनके अंतिम संस्कार में बॉलीवुड स्टार सलमान खान (Salman Khan) भी शामिल हुए।

- पंकज धीर के साथ महाभारत में काम कर चुके अभिनेता मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) ने भी अपने सहयोगी को याद किया। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें महाभारत के दौरान बिताए गए यादगार पल और पंकज के प्रति अपने अनुभव साझा किए।
- मुकेश खन्ना ने वीडियो में कहा कि पंकज धीर का अभिनय और समर्पण हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेगा।
मुकेश खन्ना ने याद किया पंकज धीर का करियर: फिल्म ‘रूही’ से हुई थी शुरुआत
- अभिनेता मुकेश खन्ना ने अपने सहयोगी और महाभारत के कर्ण, पंकज धीर के करियर को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उनकी पहली फिल्म ‘रूही’ में सहायक निर्देशक के रूप में की थी। उस समय उन्हें मात्र 300 रुपये महीने मिलते थे।
- मुकेश खन्ना ने कहा, “पंकज सेट पर हमेशा ईमानदारी और ऊर्जा के साथ काम करते थे। उनका बोलने का अंदाज बेहद स्टाइलिश और प्रभावित करने वाला था। मैंने उनके साथ ‘सौगंध’ और ‘पांडव’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। वे मुझे हमेशा ‘एमके’ कहकर बुलाते थे, खाना बहुत पसंद करते थे और बातचीत में भी बहुत सहज और अच्छे थे। साथ ही उनका फैशन सेंस भी शानदार था।”
- मुकेश खन्ना की ये यादें पंकज धीर के संपूर्ण करियर और व्यक्तित्व की झलक पेश करती हैं, जिन्होंने भारतीय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।
पंकज धीर ने इंडस्ट्री में किया संघर्ष, मुकेश खन्ना ने याद किए कठिन समय
- अभिनेता मुकेश खन्ना ने बताया कि महाभारत के कर्ण, पंकज धीर, ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काफी संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “हालांकि उनके पिता भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े थे, फिर भी पंकज ने खुद मेहनत करके अपने लिए जगह बनाई। उन्हें कई चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।”
- मुकेश खन्ना ने आगे कहा, “समय के साथ महाभारत के हमारे कई सह-कलाकार—जैसे गुफी पेंटल (शकुनि) और प्रवीण कुमार (भीम)—का निधन हो गया। अब हम पंकज धीर को भी खो चुके हैं। उनके योगदान और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।”
- यह बयान न केवल पंकज धीर के साहस और संघर्ष को दर्शाता है, बल्कि इंडस्ट्री में उनके योगदान और महाभारत के यादगार सफर को भी उजागर करता है।
मुकेश खन्ना ने खोला राज़: पंकज धीर ने नहीं पढ़ी थी असली महाभारत

- अभिनेता मुकेश खन्ना ने पंकज धीर के अभिनय और उनके दृष्टिकोण के बारे में एक खास किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि पंकज ने महाभारत की असली किताब नहीं पढ़ी थी। मुकेश खन्ना के अनुसार, “पंकज ने ‘मृत्युञ्जय’ पढ़ी थी, जो कर्ण के दृष्टिकोण से लिखी गई थी। इसलिए उन्हें बीआर चोपड़ा की महाभारत में कई दृश्य अजीब लगते थे। कभी-कभी उन्हें लगता था कि कुछ दृश्य वे पूरी तरह समझ नहीं पाए।”
- मुकेश खन्ना ने हंसी में कहा, “मैं उन्हें मज़ाक में ‘कॉन्वेंट पांडव’ कहता था, क्योंकि उन्होंने असली महाभारत नहीं पढ़ी थी। लेकिन उनके अभिनय की कला और महारत हमेशा शानदार थी।”
- यह किस्सा न केवल पंकज धीर के अभिनय के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है, बल्कि दर्शकों को भी यह याद दिलाता है कि कैसे उन्होंने महाभारत में कर्ण का किरदार जीवंत किया।
