खेल मंत्री के पति के बयान पर सियासी घमासान, उत्तराखंड में माफी के बाद भी जारी बहस
- उत्तराखंड में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सियासी माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। इसी बीच सोमेश्वर विधायक और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के कथित विवादित बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
- इस बयान को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जोड़कर सरकार पर सवाल खड़े किए। बढ़ते विवाद को देखते हुए गिरधारी लाल साहू ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक माफी मांगते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की।
- अपने संदेश में साहू ने कहा कि वह दोलाघट में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष के आग्रह पर शामिल हुए थे, जहां महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मान किया जा रहा था। इसी दौरान एक सामान्य पारिवारिक बातचीत को राजनीतिक विरोधियों द्वारा तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जिससे गलत अर्थ निकाले गए।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बहनों और बेटियों को देवी समान मानते हैं और उनके मन में महिलाओं के प्रति कोई अपमानजनक भावना नहीं है। साहू ने कहा कि यदि उनकी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह हाथ जोड़कर क्षमा याचना करते हैं।
- इस प्रकरण के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे महिलाओं के अधिकार और सम्मान का मुद्दा बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे बेवजह तूल देने का आरोप लगा रहा है। माफी के बावजूद यह मामला फिलहाल उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।
