पुश्कर सिंह धामी का अपनी जन्मभूमि टुंडी-बारमौं पहुंचना बना भावुक पल, गांववासियों ने किया भव्य स्वागत
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुश्कर सिंह धामी आज सुबह अपनी मां के साथ अपनी जन्मभूमि एवं पैतृक क्षेत्र कनालीछीना के टुंडी-बारमौं पहुंचे। लंबे समय बाद गांव की मिट्टी को स्पर्श करते ही उनका मन भावनाओं से भर उठा। धामी ने अपने सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर साझा किया कि यह क्षण उनके लिए बेहद भावुक और स्मरणीय रहा।

- उन्होंने बताया कि टुंडी-बारमौं वही धरा है जहां उन्होंने बचपन बिताया, पहली बार विद्यालय की राह पकड़ी और जहां गांव की संस्कृति, परंपराओं और स्नेह ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। गांव पहुंचने पर बुजुर्गों ने उन्हें स्नेहिल आशीर्वाद दिया, जबकि मातृशक्ति का अथाह प्रेम उन्हें बचपन की स्मृतियों में ले गया।
- धामी ने कहा कि कई बुजुर्ग आज भी उन्हें बचपन के नाम से पुकारते हैं, जो उनके लिए असाधारण अपनत्व और भावनाओं से भरा अनुभव है। गांव के नौनिहालों और युवाओं की मुस्कुराहटों ने उनके सभी बचपन के पल फिर से जीवंत कर दिए।

- उन्होंने व्यक्त किया कि हर चेहरा अपना, हर आंगन स्मृतियों से भरा और हर कदम बचपन की गलियों से होकर गुजरने जैसा महसूस हुआ। उनके अनुसार टुंडी-बारमौं केवल एक गांव नहीं, बल्कि उनकी जड़ें, संस्कार और पहचान है।
- धामी ने गांववासियों के प्रेम और विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि यह स्नेह उन्हें लगातार शक्ति और प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज का दिन हमेशा उनके हृदय में अंकित रहेगा।
