Uttarakhand

कानून का कड़ा संदेश: देहरादून में मां की गुहार पर अपराधी बेटा जिला बदर

  • देहरादून जिला प्रशासन ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आदतन अपराधी को जिला बदर कर दिया है। स्वयं पीड़ित वृद्ध मां की शिकायत और मोहल्लेवासियों की लगातार गुहार के बाद सविन बंसल ने यह सख्त कदम उठाया।
  • प्रशासन के अनुसार दिव्यकांत लखेड़ा, निवासी माजरी माफी, देहरादून, लंबे समय से क्षेत्र में डर और हिंसा का माहौल बना रहा था। जांच में सामने आया कि वह अपनी वृद्ध मां के साथ मारपीट करता था, जिससे भयभीत होकर मां को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा आरोपी पर महिलाओं से अभद्र व्यवहार, नशे के कारोबार और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा चलाने जैसे गंभीर आरोप भी पाए गए।
  • इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत आरोपी को छह माह के लिए देहरादून जिले से बाहर रहने का आदेश जारी किया। इस अवधि में यदि आरोपी जिले में प्रवेश करता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

आदेश उल्लंघन पर सख्त सजा

  • आदेश के उल्लंघन पर आरोपी को छह माह से तीन वर्ष तक का कठोर कारावास और जुर्माना हो सकता है। उसे जिले से बाहर रहते हुए अपना पूरा पता जिला प्रशासन और थाना नेहरू कॉलोनी को देना भी अनिवार्य किया गया है।
  • जिलाधिकारी ने थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के भीतर आदेश की तामील कर आरोपी को जनपद से बाहर भेजा जाए और अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।
  • प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा
  • यह कार्रवाई महिला सुरक्षा, बुजुर्गों के सम्मान, और नागरिकों के सुरक्षित जीवन के अधिकार को मजबूत करने की दिशा में एक अहम संदेश मानी जा रही है।

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