“Uttarakhand: गंगोत्री धाम में कड़ाके की ठंड—माइनस तापमान में जमे नदी-झरने और पेयजल लाइनें”
- गंगोत्री धाम और गंगोत्री नेशनल पार्क के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस समय शीतलहर का प्रकोप तेज़ हो गया है। रात्रि के दौरान तापमान माइनस स्तर तक गिरने से नदी-झरनों, पेयजल स्रोतों और पाइपलाइनों में पानी जमने लगा है। इससे धाम में निवास कर रहे स्थानीय लोगों, पुलिसकर्मियों और वन विभाग के कर्मचारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- चारधाम में प्रमुख गंगोत्री धाम के आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो चुकी है, हालांकि धाम क्षेत्र में अब तक बर्फ नहीं गिरी है। इसके बावजूद शीतलहर इतनी तीव्र है कि तापमान रात में माइनस 9°C तक पहुंच जा रहा है। सुबह और शाम के समय धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, और अधिकांश जल स्रोतों के जमने से हालात और कठिन हो गए हैं।
- गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं, लेकिन वन कर्मी नियमित गश्त जारी रखे हुए हैं। बीते मंगलवार और बुधवार को वन दरोगा राजवीर सिंह रावत की अगुवाई में वन कर्मियों की एक टीम ने गंगोत्री–गोमुख ट्रेक पर निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को रास्ते में 5 से 7 जगहों पर जमे हुए जल स्रोत मिले।
ट्रेक मार्ग पर जमी हुई पतली बर्फ के कारण फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। - धाम में सबसे बड़ी चुनौती पेयजल लाइनों में पानी जमने के कारण खड़ी हुई है। कई स्थानों पर पाइपलाइन पूरी तरह जाम हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों को मजबूरी में भागीरथी नदी से पानी ढोना पड़ रहा है। इसके बावजूद वन कर्मी अत्यधिक ठंड के बीच लगातार गश्त कर रहे हैं।
- वन दरोगा राजवीर सिंह रावत के अनुसार, धाम में बढ़ती ठंड ने ड्यूटी को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गंगोत्री धाम का अधिकतम तापमान –0.4°C और न्यूनतम तापमान –9.9°C दर्ज किया गया है।
