उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में सड़क विकास को बढ़ावा, PMGSY टाइमलाइन एक्सटेंड
- विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में सड़कें जीवनरेखा की तरह काम करती हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने में बेहद अहम भूमिका निभा रही है। अब केंद्र सरकार द्वारा PMGSY की समय-सीमा बढ़ाए जाने से राज्य में लंबे समय से लंबित सड़क और पुल निर्माण कार्यों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
- केंद्र सरकार ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण के कार्यों को पूरा करने की अवधि मार्च 2027 तक बढ़ा दी है, जिससे 214 सड़कें और 40 पुलों का निर्माण तेजी से आगे बढ़ सकेगा। यह फैसला राज्य के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
- अब तक उत्तराखंड में 1863 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है, जिस पर 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है। इससे ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और लोगों के लिए आवागमन आसान बना है।
- पहले कई परियोजनाएं विभिन्न कारणों से अटकी हुई थीं। कुछ सड़कों पर पुल निर्माण अधूरा था, तो कुछ सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके अलावा बजट और समय सीमा भी बड़ी चुनौती बने हुए थे, जिससे काम प्रभावित हो रहा था।
- अब समय-सीमा बढ़ने के बाद रुके हुए निर्माण कार्य पूरे होने की उम्मीद है। इससे दूरदराज के गांवों तक पहुंच आसान होगी, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
- आगे के चरण में 1510 गांवों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए परियोजनाओं की डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में और अधिक गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
