“Adani ने रचा इतिहास! सीमेंट से बना ऐसा कारनामा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, खास मंदिर से जुड़ी है पूरी कहानी”
अदाणी सीमेंट (Adani Cement) ने पीएसपी इंफ्रा के साथ मिलकर इतिहास रच दिया है। उमिया धाम में दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मंदिर की राफ्ट नींव की ढलाई पूरी कर इस प्रोजेक्ट का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। महज 54 घंटे के मैराथन ऑपरेशन में 24,100 घन मीटर इकोमैक्स M45 कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया। करीब 2000 करोड़ रुपए की लागत से 60 एकड़ में फैले इस भव्य प्रोजेक्ट ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

अदाणी सीमेंट का नाम अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसने अपनी सहयोगी कंपनी पीएसपी इंफ्रा के साथ मिलकर उमिया धाम में दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मंदिर की राफ्ट नींव की ढलाई पूरी कर ली है।
450 फीट x 400 फीट x 8 फीट आकार की इस विशाल राफ्ट नींव 504 फीट ऊंचे जगत जननी मां उमिया मंदिर के 1,551 धर्म स्तंभों को मजबूती से सहारा देगी। इस भव्य मंदिर की परिकल्पना जसपुर में एक विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक परिसर के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में की गई है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
2,000 करोड़ रुपये का भव्य प्रोजेक्ट, उमिया धाम में बनाया इतिहास
- अदाणी सीमेंट ने 24,100 घन मीटर ‘इकोमैक्स एम45’ ग्रेड के निम्न-कार्बन कंक्रीट का उपयोग कर 54 घंटे के लगातार ऑपरेशन में राफ्ट नींव ढलाई पूरी की। यह विशेष कंक्रीट अदाणी सीमेंट द्वारा तैयार किया गया एक टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाला मिश्रण है, जो नए वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।
- अदाणी ग्रुप के सीमेंट व्यवसाय के सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, “उमिया धाम 60 एकड़ में फैला एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक स्थल बनने जा रहा है, जिसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं है, बल्कि अदाणी सीमेंट की गुणवत्ता, गति, पैमाने और उद्देश्य को प्रदर्शित करता है।”
भक्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का सेतु
- बाहेती ने आगे कहा, “जैसा हमारे चेयरमैन मानते हैं, यह केवल इंजीनियरिंग की उपलब्धि नहीं है, बल्कि भक्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच सेतु है। उमिया धाम की राफ्ट कास्टिंग इस विजन का जीवंत उदाहरण है, जहां आस्था इनोवेशन को प्रेरित करती है और इनोवेशन पूरे समाज का उत्थान करता है। जब हम इनोवेशन, लोगों और टिकाऊ सामग्रियों को जोड़ते हैं, तो ऐसे समाधान तैयार होते हैं जो पीढ़ियों तक टिकते हैं और नए वैश्विक मानक स्थापित करते हैं।”
600 से अधिक कुशल श्रमिकों ने दिया योगदान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में 26 रेडी-मिक्स कंक्रीट संयंत्र, 285 से अधिक ट्रांजिट मिक्सर, 3,600 टन उच्च-प्रदर्शन सीमेंट और 600 से अधिक कुशल श्रमिक व तकनीकी विशेषज्ञों का योगदान रहा। यह प्रक्रिया लगातार तीन दिनों तक शिफ्टों में चली।
पूरी ढलाई की योजना बेहद सावधानी से बनाई गई थी, ताकि कोई कोल्ड जॉइंट न बने, तापमान नियंत्रण और मिश्रण की एकरूपता बनी रहे। इस तरह अदाणी सीमेंट ने तकनीक, दक्षता और भक्ति का संगम करते हुए एक नया इतिहास रचा।
